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हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी इन्फोसिस हैकविदइन्फी 2026 के लिए संरचित प्रशिक्षण पहल के साथ तैयार

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हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी इन्फोसिस हैकविदइन्फी 2026 के लिए संरचित प्रशिक्षण पहल के साथ तैयार


हिसार, 21 मार्च (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान

एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीटेक, एमटेक तथा एमसीए के प्री-फाइनल वर्ष के विद्यार्थी

इन्फोसिस हैकविदइन्फी 2026 में भाग लेने जा रहे हैं, जो देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय

स्तर की कोडिंग प्रतियोगिताओं में से एक है। यह प्रतियोगिता चयनित संस्थानों में आयोजित

की जाती है तथा डिजिटल स्पेशलिस्ट इंजीनियर (डीएसए) और स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर (एसपी)

जैसे पदों के लिए सात लाख से 21 लाख रुपये वार्षिक पैकेज तक के अवसर प्रदान करती है।

विद्यार्थियों की तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा विभिन्न

संरचित पहलें की गई हैं।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई

ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन्फोसिस ने पूर्व वर्षों में सफल प्लेसमेंट ड्राइव

के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट अवसर प्रदान किए हैं। उन्होंने

वर्ष 2027 के विद्यार्थियों को इस प्रतियोगिता में शामिल किए जाने को उद्योग-अकादमिक

सहयोग का सशक्त उदाहरण बताया।

कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने बताया कि हैकविदइन्फी

एक बहु-चरणीय प्रतियोगिता है, जिसमें विद्यार्थियों की कोडिंग क्षमता, तार्किक सोच

एवं समस्या-समाधान कौशल का मूल्यांकन किया जाता है। इसका प्रथम चरण 28-29 मार्च को

वर्चुअल मोड में आयोजित होगा, जिसके पश्चात द्वितीय चरण इन्फोसिस के निर्धारित केंद्रों

पर ऑफलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद साक्षात्कार होंगे। अंतिम चरण (राउंड-3)

में जुलाई 2026 में 40 घंटे का राष्ट्रीय स्तर का हैकाथॉन आयोजित किया जाएगा। यह प्रतियोगिता

प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू (पीपीआई) एवं इंटर्नशिप के अवसर भी प्रदान करती है।

प्लेसमेंट निदेशक डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि

विश्वविद्यालय के लगभग 350 विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। उन्होंने

जानकारी दी कि 10 मार्च को प्री-असेसमेंट टेस्ट आयोजित किया गया, जिसके आधार पर विद्यार्थियों

को विभिन्न बैचों में विभाजित किया गया, जिसमें बैच-1 में 130 तथा बैच-2 में 100 विद्यार्थी

शामिल हैं। 13 मार्च को आयोजित ओरिएंटेशन सत्र में उन वरिष्ठ विद्यार्थियों ने अपने

अनुभव साझा किए, जिन्होंने पूर्व में डीएसई/एसपी प्रक्रिया में सफलता प्राप्त की थी।

उन्होंने बताया कि बैच-1 के विद्यार्थियों के लिए 16 से 21 मार्च 2026 तक फेसप्रेप

के सहयोग से सीआरएस ऑडिटोरियम, सेमिनार हॉल-2 में एक सप्ताह का हैकविदइन्फी तैयारी

बूटकैम्प आयोजित किया जा रहा है। बूटकैम्प का उद्घाटन सत्र कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग

विभाग के अध्यक्ष एवं पीडीयूआईआईसी के निदेशक प्रो. ओपी सांगवान के मुख्य आतिथ्य

में आयोजित हुआ। तकनीकी सत्र फेसप्रेप के ट्रेनर रामनदीप सिंह द्वारा संचालित किए जा

रहे हैं, जिनमें कोडिंग अभ्यास, तार्किक सोच एवं समय प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा

रहा है।

प्लेसमेंट निदेशक ने फेसप्रेप ट्रेनर रामनदीप

सिंह, फेसप्रेप समन्वयक प्रदीपा, विशेषज्ञ मनीष कौशिक, विभिन्न विभागों के अध्यक्षों

तथा संकाय समन्वयकों डॉ. सुनील वर्मा, डॉ. अश्वनी, डॉ. देवेंद्र सिंह एवं डॉ. विनोद

गोयल का विद्यार्थियों के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण में योगदान हेतु आभार व्यक्त किया।

सहायक निदेशक डॉ. आदित्य वीर सिंह ने बताया कि

विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी मनीष कौशिक, जिन्हें एप्पल, यूबीएस बैंक, ड्यूश

बैंक और यूएसटी ग्लोबल जैसे वैश्विक संस्थानों में 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है और

जो वर्तमान में सिंगापुर में एक इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियर के रूप् में कार्यरत हैं,

वे भी विद्यार्थियों के एक अतिरिक्त बैच का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर