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कैथल: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से जनता बेहाल, डेढ़ हजार शिकायतें पहुंची

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कैथल: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से जनता बेहाल, डेढ़ हजार शिकायतें पहुंची


कैथल: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से जनता बेहाल, डेढ़ हजार शिकायतें पहुंची


कैथल: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से जनता बेहाल, डेढ़ हजार शिकायतें पहुंची


कैथल, 22 अक्टूबर (हि.स.)। बिजली निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की 22 से 24 अक्टूबर तक प्रस्तावित हड़ताल के बीच जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। बिजली संबंधी शिकायतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। जिला स्तर पर बनाए गए हेल्पलाइन सेंटर पर डेढ़ हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं, जबकि पिहोवा चौक स्थित बिजली निगम कार्यालय में शहर से संबंधित 400 से अधिक शिकायतें पहुंचीं। सीवन बिजली घर में भी सुबह साढ़े 10 बजे तक 125 शिकायतें दर्ज की गईं। फीडरों में खराबी आने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है और मरम्मत के लिए निजी ठेकेदारों की मदद ली जा रही है।हड़ताल के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक प्रबंध किए हैं। गुरुवार को डीसी अपराजिता ने लघु सचिवालय के निकट सेक्टर-19 स्थित 33 केवी बिजली सब-स्टेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता भूपेंद्र सिंह और प्रदीप श्योकंद भी मौजूद रहे। जिले में बिजली निगम के कुल 1519 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक अधीक्षक अभियंता और चार एसडीओ को छोड़कर शेष अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। कैथल, पूंडरी और गुहला के तीनों एक्सईएन भी हड़ताल पर हैं। जिले में कुल 14 एसडीओ हैं, जिनमें चार नए एसडीओ ड्यूटी पर हैं। इनमें एक को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि तीन एसडीओ कैथल, पूंडरी और गुहला क्षेत्रों में फील्ड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बिजली घरों में व्यवस्था संभालने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मी बिजली संबंधी शिकायतें भी सुन रहे हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिजली घरों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं। हालांकि, तकनीकी खराबी दूर करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी के चलते व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बना हुआ है।

10 फीडरों में ब्रेकडाउन, छह शहरी और चार ग्रामीण क्षेत्र केहड़ताल के दौरान जिले में फीडरों में खराबी आने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। शुरुआती जानकारी में 16 फीडरों में खराबी आने की बात सामने आई थी, जबकि बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता भूपेंद्र सिंह के अनुसार, उस समय जिले में 10 फीडरों में ब्रेकडाउन था। इनमें छह शहरी और चार ग्रामीण क्षेत्र के फीडर शामिल थे। स्थानीय ठेकेदारों की मदद से दो फीडरों को दोबारा चालू भी करवाया गया।एसई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जहां भी ब्रेकडाउन की सूचना मिलती है, वहां संबंधित एसडीओ की ड्यूटी लगाई जा रही है। मरम्मत के लिए निगम के पास अतिरिक्त कर्मचारियों का अलग बैकअप उपलब्ध नहीं है। ऐसे में तकनीकी खराबियों को दूर करने के लिए निजी ठेकेदारों की मदद ली जा रही है।

आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों से लिया जा रहा सहयोगडीसी अपराजिता ने बताया कि हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों और ठेकेदारों के माध्यम से वैकल्पिक स्टाफ की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जिले के 132 केवी और 11 केवी सहित विभिन्न बिजली स्टेशनों पर वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बिजली से जुड़े बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर वैकल्पिक माध्यमों से समस्या का समाधान करवाया जाए। डीसी ने आमजन से भी अपील की कि बिजली संबंधी समस्या आने पर धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बिजली बहाल करने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन संबंधित टीमें समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे