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बिजली निगमों की प्रभावशाली कंपनियों पर मेहरबानी, उपभोक्तों के हितों की अनदेखी : प्रो.संपत सिंह

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बिना बिजली खरीदे 1300 करोड़ का भुगतान

चंडीगढ़, 07 अगस्त (हि.स.)। इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह ने हरियाणा के बिजली वितरण निगमों पर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी करने और वित्तीय बोझ जनता पर डालने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली निगम बेहतर सेवाएं देने के बजाय अपनी वित्तीय गलतियों और भ्रष्टाचार की कीमत आम उपभोक्ताओं से वसूलना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि बिजली निगमों ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) से मल्टी इयर टैरिफ-2024 के तहत राहत मांगते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रति यूनिट 47 पैसे की मासिक एफएसए वसूली के स्थान पर 1,134.54 करोड़ रुपये तथा उस पर कैरीइंग कॉस्ट (ब्याज) को आगामी वर्षों में सभी उपभोक्ताओं से समान दर पर वसूलने की अनुमति मांगी है।

प्रो. संपत सिंह ने कहा कि निगम स्वयं 27,915 करोड़ रुपये के घाटे और 27,248 करोड़ रुपये के कर्ज की बात करते हैं, लेकिन अक्टूबर 2025 में बिना एक भी यूनिट बिजली प्राप्त किए सिक्किम ऊर्जा लिमिटेड (ग्रीनको समूह) को 1,300 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दर्शाता है कि प्रभावशाली कंपनियों के लिए धन उपलब्ध है, जबकि आम उपभोक्ताओं के हितों की उपेक्षा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि निगमों ने स्वीकार किया है कि 1,134.54 करोड़ रुपये की मांग में से लगभग 950.09 करोड़ रुपये सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से उत्पन्न देनदारी से जुड़े हैं, जबकि वर्तमान में की जा रही वसूली वर्ष 2022-23 से संबंधित है। उनके अनुसार नियमानुसार ऐसी राशि अधिकतम दो वर्षों के भीतर वसूली जानी चाहिए।

इनेलो नेता ने बिजली निगमों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब एफएसए की राशि उपभोक्ताओं को लौटानी थी, तब निगमों ने कोई याचिका दाखिल नहीं की, लेकिन वसूली उनके पक्ष में होने पर तत्काल दो याचिकाएं दायर कर दीं। उन्होंने कहा कि निगम अपनी देरी से वसूली पर ब्याज चाहते हैं, जबकि उपभोक्ताओं का पैसा रोकने पर ब्याज देने को तैयार नहीं हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा