कैथल:बयाना लेकर भी नहीं कराई प्लाट की रजिस्ट्री,तीन के खिलाफ केस
कैथल, 27 अगस्त (हि.स.)। प्लाट बेचने का सौदा कर आठ लाख रुपये बयाना लेने के बाद रजिस्ट्री से मुकरने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रजिस्ट्री के लिए तय तारीख पर विक्रेता तहसील कार्यालय नहीं पहुंचा और बाद में रुपये लौटाने से भी इनकार कर दिया। शिकायत के आधार पर राजौंद थाना पुलिस ने जनकपुरी कॉलोनी निवासी भीम सिंह, उसकी पत्नी संतोष और बेटे मंजीत के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव किठाना निवासी वेदपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी भीम सिंह के साथ पुरानी जान-पहचान थी। इसी के चलते भीम सिंह ने उसे 200 वर्ग गज का एक प्लाट दिखाया और उसे बेचने की बात कही। दोनों के बीच 6900 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से सौदा तय हुआ। इसके बाद ब्याने के तौर पर उसने आरोपियों को आठ लाख रुपये दे दिए। रजिस्ट्री के लिए एक जून की तारीख तय की गई थी।
वेदपाल के अनुसार, तय तारीख पर वह रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज और बाकी रकम लेकर राजौंद तहसील कार्यालय पहुंच गया, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी आरोपी वहां नहीं पहुंचे। फोन करने पर उन्होंने आने से इनकार कर दिया और कोई बहाना बना दिया। इसके बाद मामले को सुलझाने के लिए कई बार पंचायतें हुईं, लेकिन आरोपी हर बार रजिस्ट्री करवाने या रकम लौटाने के मामले में टालमटोल करते रहे।
शिकायतकर्ता ने बताया कि तीन जुलाई को उसे जानकारी मिली कि उक्त प्लाट पर निर्माण कार्य चल रहा है। जांच करने पर पता चला कि प्लाट भीम सिंह के नाम पर नहीं, बल्कि उसकी पत्नी संतोष के नाम पर था। इसके बाद उसे कथित तौर पर ठगी का पता चला। आरोप है कि तीनों ने मिलीभगत कर प्लाट बेचने के नाम पर उससे आठ लाख रुपये ले लिए। मामले को लेकर दोबारा पंचायत हुई, लेकिन आरोपियों ने रुपये वापस करने से मना कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस में शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके चलते उसे और उसके परिवार को आरोपियों से जान का खतरा बना हुआ है।
शिकायत की डीएसपी स्तर पर प्रारंभिक जांच के बाद राजौंद थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी पीएसआई रोहित को सौंपी गई है। पुलिस मामले में लेन-देन, प्लाट के स्वामित्व और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

