हिसार : भाखड़ा का पानी यमुना कमांड क्षेत्र में मोड़ना हरियाणा के हितों के साथ खिलवाड़ : प्रो. संपत सिंह
किसानों व ग्रामीणों के जल अधिकारों की लगातार अनदेखी की गई तो इनेलो करेगी
विरोध
हिसार, 11 जुलाई (हि.स.)। इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं के पूर्व वित्त मंत्री
प्रो. संपत सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार लगातार भाखड़ा कमांड क्षेत्र का
पानी यमुना कमांड एरिया की ओर मोड़ रही है, जिससे भाखड़ा कमांड क्षेत्र के किसानों
के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भाखड़ा कमांड
क्षेत्र के कई इलाकों में सिंचाई और पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा।
प्रो. संपत सिंह ने शनिवार काे कहा कि पहले धमतान डिस्ट्रीब्यूटरी और सिवानी फीडर को यमुना
का पानी मिलता था, लेकिन अब दोनों को भाखड़ा प्रणाली से जोड़ दिया गया है। इसके अलावा
बरसोला, सिंसर, गुथली माइनर, धर्मगढ़ माइनर तथा धरोधी डिस्ट्रीब्यूटरी को भी भाखड़ा
का पानी दिया जा रहा है। उनके अनुसार इन बदलावों से करीब 500 क्यूसेक पानी भाखड़ा कमांड
क्षेत्र से कम हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न स्थानों पर भाखड़ा
प्रणाली में ‘पंचरिंग’ कर यमुना कमांड क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति कर रही है। उन्होंने हांसी को भाखड़ा
से पेयजल देने के प्रयास पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हांसी पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी
के कमांड क्षेत्र में आता है, जहां यमुना का पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। यदि पानी
की कमी है तो जलघरों की क्षमता बढ़ाकर समस्या का समाधान किया जा सकता है।
प्रो. संपत सिंह ने कहा कि भाखड़ा के पानी में लगातार कटौती का सबसे अधिक असर
सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, नलवा और आदमपुर जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा, जहां पहले से ही
पानी की कमी बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो भाखड़ा कमांड
क्षेत्र मरुस्थलीकरण की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब क्षेत्र में भाखड़ा
मुख्य नहर की बुर्जी संख्या 445 से 466 तक मरम्मत और तटबंध ऊंचे कर 450 क्यूसेक अतिरिक्त
पानी की क्षमता विकसित की जा सकती है। इसके लिए हरियाणा सरकार वर्ष 2015 में
372.11 लाख रुपये पंजाब सरकार को जमा भी करा चुकी है, लेकिन राजस्थान सरकार की आपत्ति
के बाद यह परियोजना रुक गई।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

