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पंजाब के किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर लगाया पक्का मोर्चा

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पंजाब के किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर लगाया पक्का मोर्चा


पंजाब के किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर लगाया पक्का मोर्चा


- जींद की उपायुक्त के साथ वार्ता हुई विफल

- अब किसानों के सभी संगठन बॉर्डर पर जुटेंगे

चंडीगढ़, 16 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा के जींद जिले से सटे पंजाब के खनौरी-दाता सिंह वाला बॉर्डर पर रविवार को दिन भर तनाव की स्थिति बनी रही। पंजाब के किसान संगठनों द्वारा दिल्ली कूच का ऐलान किए जाने के बाद हरियाणा पुलिस ने सडक़ पर बेरिकेडिंग करके रास्ता जाम कर दिया। जींद की जिला उपायुक्त के साथ दो बार हुई बैठकों का जब कोई परिणाम नहीं निकला तो देर शाम किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगाने का ऐलान कर दिया।

पंजाब के विभिन्न किसान संगठनों ने रविवार को दिल्ली कूच का ऐलान किया था। किसान संगठन पैदल यात्रा करके 29 अगस्त को दिल्ली पहुंचने का दावा कर रहे हैं। जिसके चलते पंजाब के विभिन्न जिलों से किसान बसों में भरकर खनौरी बॉर्डर पर पहुंचे। रविवार सुबह से ही पुलिस ने हरियाणा की सीमा को सील कर दिया और तीन लेयर की बेरिकेडिंग की।

पंजाब से दिल्ली जा रहे 55 किसानों को खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने रोक दिया है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में 55 किसानों के जत्थे ने 2024 के किसान आंदोलन के दौरान शुभकरण सिंह की मौत वाले स्थान से मिट्टी उठाई।

डल्लेवाल ने कहा कि अब रास्ता किसानों ने नहीं, हरियाणा पुलिस ने रोका है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। थोड़ी संख्या में किसान दिल्ली जाकर अपनी बात रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी होने तक किसान यहां से नहीं हटेंगे। किसानों ने कहा कि यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगी। इसका उद्देश्य किसानों से जुड़े मुद्दों के साथ अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के विरोध की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाना है।

किसान नेताओं ने बतााय कि यात्रा में एक किसान मुख्य रूप से पैदल चलेगा, जबकि उसके साथ कुछ किसान रहेंगे, जो उसका सामान उठाएंगे। रास्ते में जगह-जगह पड़ाव होंगे और जत्था चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। किसानों का लक्ष्य 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का है। वहां एक दिन की किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद सरकार को किसानों की मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपने का प्रयास किया जाएगा।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में खनौरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ निकालने का ऐलान किया था किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसान किसी तरह के टकराव के पक्ष में नहीं हैं और जत्था शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाएगा। अब यह सरकार पर निर्भर है कि वह वहां किस तरह का माहौल बनाती है। जत्थे में सीमित संख्या में किसान शामिल हैं। न बड़ी भीड़ है और न ही बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां हैं। किसान लगातार सरकार का रवैया देख रहे हैं। कभी अंबाला तो कभी चंडीगढ़ में लोगों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है।

इस बीच जींद की उपायुक्त वैशाली शर्मा ने दो बार किसान नेताओं के साथ बैठक की। जींद के एसपी कुलदीप सिंह भी दाता सिंहवाला बॉर्डर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। दिल्ली कूच करने पहुंचे किसानों को बताया जाएगा कि इलाके में धारा 163 लागू है, इसलिए उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह नाके लगाए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा