पोर्टल की तकनीकी खामियों व डीसीएस के विरोध में पटवारी-कानूनगो ने खोला मोर्चा
नूंह, 21 अगस्त (हि.स.)। द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो संगठन हरियाणा के आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारी और कानूनगो नए राजस्व पोर्टल की तकनीकी खामियों, डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) और काम के बढ़ते दबाव के विरोध में दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहे। नूंह जिले में शुक्रवार को दूसरे दिन भी पटवारी-कानूनगो का धरना जारी रहा। जिलेभर के कर्मचारी धरने में शामिल हुए, जिसके चलते तहसीलों में राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित रहे।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने नए राजस्व पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। पटवार एवं कानूनगो संगठन के राज्य उपप्रधान मोहम्मद सबिर और जिला महासचिव अंजुम खान ने कहा कि पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज करते समय कई बार जमीन मालिकों के नाम और रकबे से संबंधित जानकारी गलत दर्ज हो रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है, जबकि बाद में इन गलतियों की जिम्मेदारी भी कर्मचारियों पर डाल दी जाती है।
कर्मचारियों ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के नियमों को भी अव्यावहारिक बताते हुए इसका विरोध किया। उन्होंने डीसीएस के दौरान सुरक्षा समेत अन्य समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि यह कार्य निजी एजेंसियों के माध्यम से कराया जाए या पुरानी ई-गिरदावरी व्यवस्था को बहाल किया जाए।
दो दिवसीय हड़ताल के कारण तहसीलों में जमीन के इंतकाल, जमाबंदी और रजिस्ट्रियों से जुड़े कार्य प्रभावित रहे। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र सहित राजस्व विभाग के अन्य कार्यों पर भी असर पड़ा। विभिन्न कार्यों के लिए तहसीलों में पहुंचने वाले लोगों को इसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ा।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार से नए राजस्व पोर्टल की तकनीकी खामियों को जल्द दूर करने, डीसीएस से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने तथा काम के बढ़ते दबाव को कम करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और तेज किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया

