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पलवल : बकरी के दूध की लस्सी पीने से एक ही परिवार के सात लोग बीमार,तीन की हालत गंभीर

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पलवल : बकरी के दूध की लस्सी पीने से एक ही परिवार के सात लोग बीमार,तीन की हालत गंभीर


पलवल, 20 जुलाई (हि.स.)। पलवल जिले के गांव चांदहट में शाम को बकरी के दूध से बनी लस्सी पीने के बाद एक ही परिवार के सात लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी को गंभीर हालत में पलवल के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए नूंह स्थित शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ रेफर कर दिया गया। प्रारंभिक तौर पर दूध में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट या अन्य कारणों की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मिली जानकारी के अनुसार चांदहट निवासी परिवार पिछले करीब दो वर्षों से बकरी पालन कर आजीविका चला रहा है। परिवार के पास करीब 20 बकरियां हैं। रविवार देर शाम को बकरियों का दूध निकालकर लस्सी तैयार की गई, जिसे परिवार के सात सदस्यों ने पिया। लस्सी पीने के करीब 15 से 20 मिनट बाद पहले तीन बच्चों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य भी एक-एक कर बेहोश होने लगे।

घटना के बाद परिजन सभी को पहले गांव के एक निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, जहां से उन्हें तत्काल पलवल के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने करीब तीन घंटे तक लगातार उपचार कर मरीजों के शरीर से संभावित जहरीले तत्व निकालने का प्रयास किया। हालत गंभीर होने पर सभी को सरकारी एंबुलेंस से नल्हड़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। रेफर किए जाने के समय दो बच्चों और एक बुजुर्ग की हालत सबसे अधिक गंभीर बताई गई। परिजनों ने आशंका जताई है कि किसी ने दूध में जहरीला पदार्थ मिला दिया हो सकता है।

वहीं पीड़ित सोनू ने बताया कि परिवार की एक बकरी दिन में बीमार थी। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि खेतों में इस्तेमाल किए गए कीटनाशकों के संपर्क में आने से दूध प्रभावित हुआ हो सकता है।

डॉ. पवन, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, नागरिक अस्पताल, पलवल ने बताया कि सभी सात मरीजों को उल्टी, दस्त और बेहोशी की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों की टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू करते हुए उनके शरीर से संभावित विषैले तत्वों को बाहर निकालने का प्रयास किया। मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए उन्हें शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग