पलवल : छांयसा में आठ मौतों का कारण एनर्जी ड्रिंक और झोलाछाप से इलाज : उपायुक्त
पलवल, 06 मार्च (हि.स.)। हरियाणा के पलवल जिले के गांव छांयसा में सामने आए बीमारी के मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा खुलासा किया है। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि एनसीडीसी तथा पुणे और चेन्नई की विशेषज्ञ टीम की रिपोर्ट के अनुसार 13 मरीजों में से आठ लोगों की मृत्यु का मुख्य कारण एनर्जी ड्रिंक का सेवन और झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाना पाया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित एनर्जी ड्रिंक के सैंपल की जांच करवाई है और पांच झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा गांव में लगातार निगरानी और चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसके चलते अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल मौजूदा बीमारी पर नियंत्रण करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना भी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य शिविर या नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच करवाएं, ताकि समय रहते उपचार संभव हो सके और बीमारी के फैलाव को रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, जिनमें हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, एचआईवी, ओटी तथा लिवर फंक्शन सहित अन्य जरूरी जांचें की जा रही हैं।
उपायुक्त ने लोगों से झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज न करवाने की अपील करते हुए कहा कि बिना डिग्री और लाइसेंस के इलाज करने वाले लोगों से उपचार करवाना मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक बार इस्तेमाल होने वाली सिरिंज का दोबारा उपयोग बिल्कुल न करें और केवल पंजीकृत डॉक्टर से ही इलाज करवाएं।
इस मौके पर सीटीएम प्रीति रावत, डीआरओ बलराज सिंह दांगी, सीएमओ डा. सतेंद्र वशिष्ठ और डीआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग

