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पलवल :तालाब की जमीन पर निर्माण और 83 हजार के गबन का आरोप, पहाड़ी की महिला सरपंच पर धोखाधड़ी का केस

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पलवल, 17 सितंबर (हि.स.)। जिले के पहाड़ी गांव की वर्तमान सरपंच प्रियंका के खिलाफ सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण कराने और पंचायत फंड की 83 हजार रुपये की राशि अपने निजी बैंक खाते में स्थानांतरित करने के आरोप में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई सीएम फ्लाइंग की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है। पुलिस ने मामले में पंचायत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।

सीएम फ्लाइंग के निरीक्षक भगत सिंह ने गुरुवार को बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि पहाड़ी गांव में नियमों की अनदेखी कर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर की गई जांच में सामने आया कि शोभनाकी तालाब की जमीन को समतल कर वहां निर्माण कार्य कराए गए। जांच में यह भी सामने आया कि तालाब को पाटकर करीब 10 मरला जमीन पर जनरल चौपाल का निर्माण कराया गया और बीपीएल कॉलोनी के प्लॉटों तक पहुंचने के लिए रास्ते तैयार किए गए।

जांच के अनुसार फरवरी 2021 से फरवरी 2023 के बीच पंचायत का प्रभार बीडीपीओ और तत्कालीन ग्राम सचिव के पास था। इस दौरान जोहड़ की जमीन पर रास्ते पक्के करने के नाम पर चार लाख 85 हजार 895 रुपये खर्च किए गए। सीएम फ्लाइंग ने इन कार्यों को लेकर भी जांच की है।

वहीं, वर्तमान सरपंच प्रियंका के कार्यकाल में ग्राम सचिवालय के लिए मिट्टी भराई, बीपीएल कॉलोनी के रास्तों को पक्का करने और नालियों के निर्माण सहित विभिन्न कार्यों पर 29 लाख 92 हजार 698 रुपये खर्च किए जाने का रिकॉर्ड सामने आया।

जांच के दौरान पंचायत फंड से 83 हजार रुपये की राशि निजी बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाने का मामला भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार 23 मई 2025 को ग्राम सचिवालय में मिट्टी भराई के नाम पर 83 हजार रुपये सरपंच प्रियंका के निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए।

सीएम फ्लाइंग की जांच में इस राशि के भुगतान से संबंधित कोई ऐसा रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि 83 हजार रुपये का भुगतान किस व्यक्ति या संस्था को किया गया था। सीएम फ्लाइंग निरीक्षक भगत सिंह की शिकायत पर बहीन थाना पुलिस ने सरपंच प्रियंका के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही पंचायत विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग