यमुनानगर में किसानों समय से पहले की धान की रोपाई, फसल नष्ट करने के नोटिस जारी
यमुनानगर, 23 मई (हि.स.) हरियाणा में भूजल संरक्षण को लेकर लागू नियमों के उल्लंघन पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने यमुनानगर जिले में सख्ती शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों ने जगाधरी क्षेत्र के नाहरपुर गांव में निरीक्षण के दौरान तय समय से पहले धान की रोपाई किए जाने का मामला पकड़ते हुए संबंधित किसानों के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। उप मंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय नरवाल ने ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. संतोष कुमार के साथ को गांव के विभिन्न कृषि क्षेत्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पांच किसानों द्वारा लगभग 13 एकड़ भूमि पर निर्धारित तिथि से पूर्व धान का प्रत्यारोपण किया गया है।
अधिकारियों ने मौके पर स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित किसानों को नियमों की जानकारी दी। कृषि विभाग के अनुसार हरियाणा भूजल संरक्षण अधिनियम-2009 के तहत राज्य में 15 मई से पहले धान की नर्सरी तैयार करना तथा 15 जून से पूर्व धान की रोपाई करना प्रतिबंधित है। यह व्यवस्था राज्य में तेजी से गिर रहे भूजल स्तर को नियंत्रित करने और जल संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से लागू की गई है।
जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि नियमों की अवहेलना करने वाले किसानों को नोटिस जारी कर पांच दिन के भीतर अवैध रूप से लगाई गई धान की फसल स्वयं नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में आदेशों का पालन नहीं किया गया तो विभागीय स्तर पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे जल संरक्षण अभियान में सहयोग करते हुए 15 जून से पहले धान की रोपाई न करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूजल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

