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हिसार : धान खरीद में देरी से किसान-आढ़ती परेशान, सरकार टकराव की बजाय तुरंत खरीद शुरू करे : बजरंग गर्ग

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हिसार : धान खरीद में देरी से किसान-आढ़ती परेशान, सरकार टकराव की बजाय तुरंत खरीद शुरू करे : बजरंग गर्ग


शाहाबाद में किसानों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर व्यापार मंडल अध्यक्ष ने जताई

नाराजगी

एमएसपी से कम दाम पर बिक रहा धान-बाजरा

हिसार, 23 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष

एवं हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने धान की सरकारी खरीद में देरी को

लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शाहाबाद में धान खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर

प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा पानी की बौछार और आंसू गैस के इस्तेमाल की

घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने मांग की कि सरकार को किसानों पर कार्रवाई करने की

बजाय तत्काल सरकारी खरीद शुरू करनी चाहिए। उनके अनुसार शाहाबाद में किसानों को हाईवे

की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।

बजरंग गर्ग ने बुधवार काे कहा कि सरकार द्वारा धान और बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करने

में देरी से किसानों और आढ़तियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनके अनुसार धान एमएसपी से

करीब 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर बिक रहा है, जबकि बाजरे के दाम भी खुले

बाजार में 900 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे

किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार

को अपने वायदे के अनुसार अनाज की हर फसल की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए। सरकारी

खरीद में देरी का सीधा असर किसानों और आढ़तियों पर पड़ता है। किसान को फसल रखने, परिवहन

और भुगतान की अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है। सरकार को खरीद के साथ फसल के उठान,

भंडारण और समय पर भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए।

बजरंग गर्ग ने कहा कि फसल के उठान में देरी होने पर नमी के नाम पर किसानों

और आढ़तियों के भुगतान में कटौती करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि नमी के नाम

पर किसानों और आढ़तियों के पैसे नहीं काटे जाएं तथा मंडियों में खरीद व्यवस्था को सुचारू

किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को किसान और आढ़ती वर्ग से टकराव की स्थिति पैदा करने

की बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। धान और बाजरे की सरकारी खरीद तुरंत

शुरू होने से किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलने के साथ मंडियों में व्यवस्था

भी सुचारू हो सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर