हिसार : स्वदेशी की अवधारणा भारत की प्राचीन विरासत : प्रो. नरसी राम बिश्नोई
‘स्वदेशी के लिए दौड़’ के माध्यम से युवाओं
ने दिया आत्मनिर्भर भारत का संदेश
हिसार, 21 जनवरी (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि स्वदेशी की अवधारणा कोई नया विचार नहीं,
बल्कि भारत की प्राचीन विरासत है। भारत ने हमेशा स्वदेशी को अपनाने पर बल दिया है।
स्वदेशी के दम पर ही भारत विश्व गुरु रहा है।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई बुधवार काे स्वामी विवेकानंद जी की 164वीं जयंती के उपलक्ष्य
पर आयोजित ‘स्वदेशी के लिए दौड़’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के महाराणा प्रताप स्टेडियम
में राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 को समर्पित इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय
सेवा योजना सेल और खेल निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कुलपति प्रो. नरसी
राम बिश्नोई ने दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्वदेशी जागरण मंच के प्रांतीय
संघटक कुलदीप पूनिया इस आयोजन के विशिष्ट अतिथि थे। इस अवसर पर कुलपति के तकनीकी सलाहकार
प्रो. विनोद छोकर भी उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का जीवन हम सभी
के लिए प्रेरणा का पुंज है। ‘स्वदेशी के लिए दौड़’ मात्र एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि यह अपने
देश की जड़ों से जुड़ने और आत्मनिर्भरता के संकल्प को दोहराने का माध्यम है। आज के युवाओं
को स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को अपनाकर देश को आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त
बनाना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि कुलदीप पूनिया ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेशी की भावना को
जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वदेशी जागरण अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों
को स्थानीय उत्पादों के महत्व और स्वदेशी अपनाने से देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले
सकारात्मक प्रभाव के बारे में जागरूक किया। उन्होंने जोर दिया कि ‘लोकल फॉर वोकल’ का मंत्र ही भारत को
विश्व गुरु की राह पर ले जाएगा।
खेल विभाग के अधिष्ठाता प्रो. आशीष अग्रवाल ने अपने स्वागत संबोधन में बताया
कि इस आयोजन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के एनएसएस स्वयंसेवकों सहित 300
से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डा. महावीर प्रसाद ने एनएसएस स्वयंसेवकों एवं सभी
प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी भारी संख्या में युवाओं की भागीदारी
यह दर्शाती है कि आने वाली पीढ़ी देश के प्रति अपने कर्तव्यों को लेकर सजग है। एनएसएस
स्वयंसेवकों पारूल एवं अवनी ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय
के खेल निदेशक डा. शशि भूषण लूथरा सहित वरिष्ठ प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष तथा अधिकारी
उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

