हरियाणा में इमारतों के ऑनलाइन पास होंगे नक्शे,मुख्यमंत्री ने बैठक में दिए निर्देश
चंडीगढ़, 03 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में बनाई जाने वाली घरेलू एवं वाणिज्यिक इमारतों के लिए नगर निकाय विभाग से पास होने वाले नक्शों की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने इसके लिए समय सीमा भी निर्धारित करते हुए अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सचिवालय में शुक्रवार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अर्बन चैलेंज फंड को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की। जिसके तहत अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इस योजना के तहत हरियाणा में किए जाने वाले कार्य की योजना बारे पहलुओं को साझा किया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में वेस्ट वाटर के पुन: उपयोग (रीयूज) को लेकर भी गंभीरता से कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरों में स्थापित एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से निकलने वाले पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इस पानी को पार्कों की सिंचाई, उद्योगों तथा कृषि कार्यों में प्रयोग में लाने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री, पार्क और खेती में इस ट्रीटेड पानी का प्रभावी उपयोग हो सके। बकायदा यह भी कहा गया कि एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से पार्क तक अथवा जहां पानी का इस्तेमाल होना है, वहां लंबी अवधि तक चलने वाले पाइप लाइन भी बिछाए जाएं। पार्क, ग्रीन बेल्ट में तो इसे लेकर व्यवस्था करने पर खासा फोकस किया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मौजूदा सीवरेज व्यवस्था के संबंध में विस्तृत डेटा तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आंकलन किया जाए कि किन-किन क्षेत्रों में कब और किस जनसंख्या के आधार पर सीवरेज सिस्टम डाला गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि टेंडर अलॉट होने के बाद कार्य लंबे समय तक लंबित न रहे।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 16 हजार किलोमीटर सडक़ों की जीआईएस मैपिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। ‘म्हारी सडक़’ ऐप के माध्यम से इन सडक़ों से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि विभाग के अंतर्गत आने वाले हरियाणा के विभिन्न निकाय क्षेत्रों में कुल 2,276 सडक़ों की पहचान की गई है। इनमें से 1,144 सडक़ों का निर्माण 510.34 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

