एक राष्ट्र-एक चुनाव के समर्थन में आए पांचायत व निकाय प्रतिनिधि
पंचायत व निकायों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम दिए सैकड़ों ज्ञापन
चंडीगढ़, 18 जुलाई (हि.स.)। एक राष्ट्र-एक चुनाव को लेकर जनमत के साथ जन प्रतिनिधि भी समर्थन में आ चुके हैं। अब पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के जन प्रतिनिधियों ने भी इस प्रस्ताव के पक्ष में अपनी सहमति जताई है। इसी कड़ी में पंचकूला से जिला परिषद, ब्लाक समिति, नगर निगम, नगपालिका और सरपंचों द्वारा एक राष्ट्र-एक चुनाव समिति को एक राष्ट्र-एक चुनाव के समर्थन में ज्ञापन सौंपने गए।
एक राष्ट्र-एक चुनाव समिति के प्रदेश सह संयोजक मदन मोहन छाबड़ा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में उपस्थित जन प्रतिनिधियों के साथ देश में एक साथ लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव कराने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक संसाधनों, सरकारी मशीनरी और सार्वजनिक धन पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। यदि चुनाव एक साथ कराए जाते हैं तो शासन और विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी तथा चुनावी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और किफायती होगी।
उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी प्रक्रिया के कारण आचार संहिता बार-बार लागू होती है, जिससे विकास परियोजनाओं की गति प्रभावित होती है। एक साथ चुनाव होने से सरकारें विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगी और प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक सुचारु रूप से संचालित होगी।
प्रदेश सह-संयोजक मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि समिति पूरे हरियाणा में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से समर्थन ज्ञापन एकत्रित करने का अभियान चला रही है। अभियान के तहत जिला परिषद सदस्यों, ब्लॉक समिति प्रतिनिधियों, नगर निकायों के निर्वाचित सदस्यों तथा ग्राम पंचायतों के सरपंचों से संपर्क किया जा रहा है। प्राप्त ज्ञापनों को संबंधित जिलों के उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम भेजा जाएगा।
एक राष्ट्र-एक चुनाव समिति के विभाग संयोजक नेपाल सिंह राणा ने कहा कि 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' केवल चुनावी सुधार का विषय नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता, वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और विकास कार्यों में गति लाने से भी जुड़ा हुआ है। इसी उद्देश्य के साथ ज्यादा से ज्यादा जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का समर्थन प्राप्त कर इस विषय पर व्यापक जनमत तैयार करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

