हिसार :जीजेयू में मुद्रण प्रौद्योगिकी विभाग के हर विद्यार्थी को मिली नौकरी
देश-विदेश की नामी कंपनियों ने कैंपस से किया चयन, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट ने बढ़ाई विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठाहिसार, 06 जुलाई (हि.स.)। देशभर में जहां उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी हजारों युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, वहीं यहां के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मुद्रण प्रौद्योगिकी विभाग ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की अलग पहचान स्थापित कर दी है। विभाग ने वर्ष 2026 के बैच का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित करते हुए यह साबित कर दिया कि यदि शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप ढाला जाए तो डिग्री के साथ रोजगार भी सुनिश्चित किया जा सकता है।सबसे खास बात यह रही कि विद्यार्थियों की अंतिम प्रायोगिक परीक्षा समाप्त होते ही अधिकांश छात्रों के हाथों में देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के नियुक्ति पत्र थे। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित ऑफर लेटर वितरण समारोह विद्यार्थियों के लिए केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और सपनों के साकार होने का भावनात्मक क्षण बन गया। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने स्वयं चयनित विद्यार्थियों को ऑफर लेटर सौंपे और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस वर्ष विभाग के विद्यार्थियों का चयन देश की कई अग्रणी कंपनियों में हुआ है। सबसे अधिक 17 विद्यार्थियों को कनोडिया टेक्नोप्लास्ट ने नियुक्त किया है, जबकि ग्लोबल मल्टीग्राफिक्स, देहरादून ने आठ विद्यार्थियों का चयन किया। इसके अलावा पॉपली ग्राफिक्स और जीएलएस फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड ने पांच-पांच, प्रोकमार्ट प्राइवेट लिमिटेड ने तीन तथा ब्रैडी, अनुपम प्रोडक्ट्स, प्रकाश पाइप्स और डीआईसी इंक्स ने दो-दो विद्यार्थियों को रोजगार दिया, वहीं वीवो, यूफ्लेक्स, आईसीआईसीआई बैंक, कॉस्मो फर्स्ट, बकार्डी, लीप डिजीप्रिंट और मनोहर फिलामेंट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने भी विभाग के विद्यार्थियों का चयन किया है। विभाग की कुछ और प्लेसमेंट प्रक्रियाएं अभी जारी हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह उपलब्धि और भी बड़ी हो सकती है।कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि उसके विद्यार्थियों का सफल भविष्य होता है। उन्होंने कहा कि जीजेयू लगातार ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिसमें पाठ्यक्रम केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ा हो। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की नहीं बल्कि पूरे विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक सफलता है। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार उद्योग जगत के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है। विद्यार्थियों को नियमित इंडस्ट्रियल विजिट, इंटर्नशिप, व्यक्तित्व विकास, सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण और प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से रोजगार के लिए तैयार किया जाता है। यही कारण है कि बड़ी कंपनियां हर वर्ष विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों पर भरोसा जता रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

