home page

ओबीसी के लिए क्रीमीलेयर की आय सीमा पर सदन में हंगामा

 | 

चंडीगढ़, 27 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए प्रदान की गई क्रीमीलेयर की आय सीमा को लेकर विधानसभा में बहस हुई। शुक्रवार को विधानसभा में यह मुद्दा पूर्व आईएएस एवं आदमपुर के कांग्रेस विधायक चंद्रप्रकाश ने उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने क्रीमीलेयर की आय सीमा 2017 में छह लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये वार्षिक कर दी थी, जबकि हरियाणा सरकार ने इस व्यवस्था को अपने राज्य में 16 जुलाई 2024 से लागू किया है। इस अवधि से पहले क्रीमीलेयर की आय सीमा छह लाख रुपये थी और राज्य सरकार भी छह लाख रुपये वार्षिक मानकर लाभ प्रदान कर रही थी।

कांग्रेस विधायक चंद्र प्रकाश ने विधानसभा में सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार ने 2017 में क्रीमीलेयर की आय सीमा छह लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी थी, फिर हरियाणा सरकार ने इसे 2024 से क्यों लागू किया। चंद्र प्रकाश ने आरोप लगाया कि इन आठ सालों में ओबीसी वर्ग के लोगों को छह लाख रुपये वार्षिक क्रीमीलेयर सीमा के हिसाब से लाभ मिले, जबकि मिलने आठ लाख रुपये की आय सीमा के हिसाब से चाहिए थे। आठ सालों में हजारों-लाखों लोग ऐसे होंगे, जिन्हें क्रीमीलेयर की बढ़ी हुई आय सीमा आठ लाख रुपये का लाभ नहीं मिला। इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

समाज कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने चंद्रप्रकाश के आरोपों को नकारते हुए कहा कि क्रीमीलेयर की आय सीमा नहीं बढ़ाने से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सरकार की प्राथमिकता वंचित लोगों को लाभान्वित करने की है। इसीलिए इस आय वर्ग में तीन लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोगों को पहले तरजीह दी गई। मोर्चा संभालते हुए सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि अगर विधायक के पास कोई एक नाम भी ऐसा हो, जो लाभ से वंचित रह गया है, उसके बारे में हमें सूचित करें। उन्होंने चंद्र प्रकाश के आरोपों को सिरे से नकार दिया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा