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नारनौल जेल में बंदी को सुल्फा देने वाला वार्डन निलंबित

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नारनाैल, 22 अक्टूबर (हि.स.)। जिला जेल में बंदी को सुल्फा देते पकड़े गए वार्डन संजीव को जेल विभाग ने निलंबित कर दिया है। जांच के दौरान वार्डन के बैंक खाते में बंदी के परिजनों की ओर से रुपये जमा करवाने की जानकारी भी सामने आई है। जुलाई माह में खाते में चार हजार रुपये की ट्रांजेक्शन हुई थी। इससे पहले भी 10 हजार रुपये खाते में डलवाने की बात सामने आई है। ऐसे में जेल वार्डन और अपराधियों के बीच गठजोड़ की आशंका गहरा गई है।

जेल अधीक्षक संजय बांगड़ ने गुरुवार को बताया कि आरोपी वार्डन को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई के लिए जेल डीजीपी को संस्तुति पत्र भेजा था। इसके बाद बुधवार शाम को ही वार्डन को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, आरोपी वार्डन को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। गौरतलब है कि दशहरे की छुट्टी के दिन वार्डन संजीव जेल में गया था। इसी दौरान जेल उपाधीक्षक रविंद्र सिंह और जेल अधीक्षक संजय बांगड़ ने उसे एक बंदी को सुल्फा देते हुए पकड़ लिया था।

आरोप है कि इस दौरान वार्डन ने जेल उपाधीक्षक के साथ भी बदतमीजी की थी। इसके बाद जेल अधीक्षक ने डीजीपी को सूचना देकर पुलिस बुला ली।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वार्डन और बंदी को गिरफ्तार कर लिया था। बंदी के कब्जे से सुल्फा भी बरामद किया गया था। बुधवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। नशीले पदार्थ की मात्रा 100 ग्राम से कम होने के कारण न्यायालय ने दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया। वहीं, बैंक खातों में हुए लेनदेन की जानकारी सामने आने के बाद जेल में बंदियों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला