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नारनाैल: हकेवि के शोध को मिली नई उड़ान, छह परियोजनाओं को करोड़ों का मिला अनुदान

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नारनाैल: हकेवि के शोध को मिली नई उड़ान, छह परियोजनाओं को करोड़ों का मिला अनुदान


कृषि, खाद्य प्रौद्योगिकी, सूक्ष्मजैविकी, अर्थशास्त्र और शिक्षा क्षेत्र की परियोजनाओं को मिली स्वीकृति

नारनाैल, 04 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़ ने शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है ।हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड (एचएसआरएफ) के अंतर्गत विश्वविद्यालय की छह शोध परियोजनाओं को कुल एक करोड़ 36 लाख रुपये से अधिक का अनुसंधान अनुदान स्वीकृत हुआ है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने मंगलवार को सभी प्रधान अन्वेषकों और शोधार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि स्वीकृत परियोजनाएं कृषि, खाद्य प्रौद्योगिकी, सूक्ष्मजैविकी, उच्च शिक्षा, अर्थशास्त्र और जनसंचार जैसे समाजोपयोगी एवं समसामयिक विषयों से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में विकसित मजबूत शोध संस्कृति, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इन परियोजनाओं के परिणाम कृषि, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा और सतत विकास के क्षेत्रों में उपयोगी साबित होंगे।

स्वीकृत परियोजनाओं में सूक्ष्मजैविकी विभाग के प्रो. सुरेंद्र सिंह को जलवायु-अनुकूल जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से सतत कृषि एवं निमेटोड प्रबंधन पर आधारित परियोजना के लिए 40 लाख रुपये का अनुदान मिला है। वहीं प्रो. गुंजन गोयल को शीघ्र नष्ट होने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षित पैकेजिंग तकनीक विकसित करने के लिए 38 लाख 24 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं।

पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्रो. अशोक कुमार शर्मा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावों और हरियाणा के उच्च शिक्षा परिदृश्य के अध्ययन के लिए 17 लाख रुपये तथा अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. रंजन अनेजा को हरियाणा में डिजिटल कृषि अंगीकरण एवं नीतिगत आवश्यकताओं पर शोध के लिए 26 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है। इसके अलावा शोधार्थी दीपांशु पुन्यानी, नेहा कंवर निरवान और सुरभि शर्मा को भी विभिन्न शोध परियोजनाओं के लिए लगभग 15 लाख रुपये का संयुक्त अनुसंधान अनुदान स्वीकृत हुआ है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला