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नारनौल में मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का हुआ परीक्षण

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नारनौल में मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का हुआ परीक्षण


आग लगने की काल्पनिक सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और रेड क्रॉस ने किया संयुक्त अभ्यास

नारनाैल, 05 अगस्त (हि.स.)। नारनौल के राजकीय पीजी कॉलेज परिसर में बुधवार को सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में प्रशासनिक तत्परता, त्वरित निकासी व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता का आकलन करना था। मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, नागरिक सुरक्षा बल और स्वयंसेवी संस्थाओं ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।

ड्रिल की शुरुआत कॉलेज परिसर में अचानक आग लगने की काल्पनिक सूचना और चेतावनी अलर्ट से हुई। सूचना मिलते ही कॉलेज के अध्यापकों, छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके साथ ही कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम की कार्यक्षमता का भी परीक्षण किया गया, जिसमें आपातकालीन सूचना के आदान-प्रदान और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को परखा गया।

अलर्ट मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रदर्शन किया। पुलिस की विशेष टीम ने भवन के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। वहीं, राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए कॉलेज के आसपास के यातायात को भी डायवर्ट किया गया।

स्वास्थ्य विभाग और रेड क्रॉस के स्वयंसेवकों ने मौके पर प्राथमिक उपचार शिविर स्थापित किया। घायल बताए गए लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। नगराधीश डॉ. मंगल सेन ने कहा कि ऐसे नियमित अभ्यास आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं और वास्तविक आपात स्थिति में जनहानि व संपत्ति के नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस माैके पर डीएसपी भारत भूषण, जिला राजस्व अधिकारी राकेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला