नारनाैल को 13 नए स्वास्थ्य संस्थानों की सौगात, ग्रामीणों को मिलेगा बेहतर उपचार
12 नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों को मंजूरी, रामबास उप-स्वास्थ्य केंद्र बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
नारनाैल, 07 जुलाई (हि.स.)। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने जिले को 13 नए स्वास्थ्य संस्थानों की सौगात दी है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जिले के विभिन्न गांवों में 12 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं, गांव रामबास (ढाणा) स्थित मौजूदा उप-स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का दर्जा दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर गांव और हर परिवार तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है। रामबास में पीएचसी बनने से अब स्थानीय लोगों को ओपीडी, प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा नियमित टीकाकरण जैसी सुविधाएं अपने गांव में ही उपलब्ध होंगी।
उन्होंने बताया कि जिले के छापड़ा सलीमपुर, कनीना, छिलरो, मुंडिया खेड़ा, भड़फ, मोरुंड, नायन, राय मलिकपुर, मुसनोत, चंदपुर, नांगल नूनिया और सेका गांवों में नए उप-स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे।
इन केंद्रों के शुरू होने से गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, बच्चों का टीकाकरण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीण स्तर पर ही आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
आरती सिंह राव ने कहा कि नए संस्थानों से स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार लोगों को उनके घर-द्वार के निकट बेहतर और निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में इन केंद्रों पर आवश्यक आधुनिक चिकित्सा उपकरण और पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल जिले के स्वास्थ्य ढांचे को नई दिशा देने के साथ ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

