नारनाैल: शहीद नायब सूबेदार को राजकीय सम्मान से दी अंतिम विदाई
कुपवाड़ा सेक्टर में देश की रक्षा करते हुए दिया सर्वोच्च बलिदान, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
नारनाैल, 29 अगस्त (हि.स.)। जिले के गांव मोहनपुर निवासी शहीद नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। सभी ने नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
करीब 40 वर्षीय नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह भारतीय सेना की दाे राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। उनकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में अग्रिम सीमा पर थी। ड्यूटी के दौरान हिम शौर्य ऑपरेशन में देश की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। शहादत की सूचना दो-तीन दिन पहले परिवार को मिली थी। इसके बाद से पूरे गांव में शोक की लहर थी।
परिजनों के अनुसार भूपेंद्र सिंह करीब 23 वर्ष पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनके परिवार में सेना की सेवा की परंपरा रही है। उनके पिता सूबेदार रोहतास सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं। परिवार के तीनों भाई रोहतास सिंह, हवा सिंह और दलीप सिंह भी सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। भूपेंद्र सिंह परिवार के छोटे बेटे थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी 19 वर्षीय है और बीटेक कर रही है, जबकि छोटी बेटी सात वर्ष की है और दूसरी कक्षा में पढ़ती है।
अंतिम दर्शन के दौरान हर आंख नम दिखाई दी। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर साथी को अंतिम सलामी दी। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि भूपेंद्र सिंह का बलिदान पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

