नारनाैल में कम बारिश से बाजरे की फसल प्रभावित, किसानों ने मांगा मुआवजा
क्षेत्र में विशेष सर्वे और गिरदावरी करवाने की मांग, 15 हजार रुपये प्रति एकड़ राहत की अपील
नारनाैल, 19 सितंबर (हि.स.)। जिले में इस बार कम बारिश के कारण बाजरे की फसल प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश गांवों में बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचने का दावा करते हुए नहरी पानी किसान संघर्ष समिति ने सरकार से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
नहरी पानी किसान संघर्ष समिति के प्रधान महावीर इस्लामपुरा ने शनिवार को कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बाजरे की फसल की बढ़वार प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ा है। क्षेत्र के कई गांवों में बाजरे की फसल खराब होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों ने अच्छी पैदावार की उम्मीद में फसल की बुआई से लेकर खाद, बीज और अन्य कृषि कार्यों पर खर्च किया था। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसल अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हो सकी, जिससे किसानों की मेहनत और लागत पर असर पड़ा है।
महावीर इस्लामपुरा ने सरकार से नांगल चौधरी क्षेत्र में बाजरे की फसल का विशेष सर्वे करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सर्वे के माध्यम से गांव-वार फसल में हुए नुकसान का आकलन किया जाए, ताकि वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों की पहचान हो सके।
उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द गिरदावरी करवाकर पात्र किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा जारी करे। इससे कम बारिश के कारण हुए आर्थिक नुकसान से किसानों को कुछ राहत मिल सकेगी। समिति ने सरकार से फसल नुकसान का जल्द आकलन कर प्रभावित किसानों के हित में राहत देने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

