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नारनौलः पेयजल व्यवस्था के लिए पंचायतें संभालेंगी कमानः अनुपमा अंजली

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नारनौलः पेयजल व्यवस्था के लिए पंचायतें संभालेंगी कमानः अनुपमा अंजली


नई नीति के तहत अवैध कनेक्शन काटने और दरें तय करने की अनुमति

नारनाैल, 25 मई (हि.स.)। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंचायतों को बड़े प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी अधिकार प्रदान किए हैं। अब पंचायतें पेयजल आपूर्ति के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं ले सकेंगी। इसके तहत पंचायतों को जरूरत के अनुसार पानी की दरों में संशोधन करने, नई दरें लागू करने और अवैध कनेक्शनों को काटने तक के अधिकार दिए गए हैं।

सोमवार को उपायुक्त अनुपमा अंजली ने राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में ग्रामीण जल प्रणाली के संचालन एवं रखरखाव हेतु सरकारी.सामुदायिक भागीदारी आधारित संचालन एवं रखरखाव नीति-2026 को जल्द लागू करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने बताया कि इस योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में सिंगल पंचायत मेंटेनेंस योजना वाली लगभग चार हजार ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। दूसरे चरण में एक से अधिक गांवों वाली पंचायतों में योजना लागू की जाएगी। नई ऑपरेशनल पॉलिसी के तहत प्रत्येक 500 घरों पर एक महिला को पेयजल कनेक्शन, पानी के नमूने लेने, बिल भरवाने और अन्य कार्यों की जिम्मेदारी दी जाएगी। यदि किसी पंचायत में 500 से अधिक घर हैं तो वहां दो महिलाओं की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके अलावा पंचायतें पांच सदस्यीय ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का गठन करेंगी। इसमें जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जेईए ग्राम सचिव, पंप ऑपरेटर और जागरूक नागरिकों को शामिल किया जाएगा। समितियां नई पाइपलाइन बिछाने, मरम्मत कार्य, जल आपूर्ति निगरानी तथा अवैध और दूषित पानी के कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई भी कर सकेंगी। इस बैठक में सीईओ जिला परिषद निर्मल नागर, डीडीपीओ प्रमोद कुमार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार, जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा, बीडीपीओ रेनू लता और बीआरसी इंद्रजीत सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला