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नारनाैल में पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध

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नारनाैल में पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध


नारनाैल, 30 अक्टूबर (हि.स.)। वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित विभागों को सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निर्देशों के तहत यह फैसला लिया गया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा एमसी मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में दिए गए आदेशों तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध के दायरे में सभी प्रकार के पटाखे शामिल हैं। इनके निर्माण, गोदामों में भंडारण, थोक एवं खुदरा बिक्री के साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा पटाखे फोड़ने की अनुमति भी नहीं होगी।

उपायुक्त ने कहा कि अक्तूबर से जनवरी के बीच एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। पटाखों से निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, धातु के कण और जहरीली गैसें हवा को प्रदूषित करती हैं। इससे पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ता है। प्रदूषित हवा बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोगियों के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से खतरनाक है।

उन्होंने बताया कि सभी प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में आदेशों का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला