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नारनौलः हकेवि के शोधार्थी को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बेस्ट ओरल प्रेजेंटेशन अवॉर्ड

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नारनौलः हकेवि के शोधार्थी को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बेस्ट ओरल प्रेजेंटेशन अवॉर्ड


नारनाैल, 16 मार्च (हि.स.)। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि) महेंद्रगढ़ के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के पीएचडी शोधार्थी बादल महाकालकर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि करते हुए आईसी-एसआईएलएफईबी-2026 सम्मेलन में बेस्ट ओरल प्रेजेंटेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया। यह सम्मेलन गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित किया गया।

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने सोमवार को बादल महाकालकर को बधाई देते हुए कहा कि बादल का शोध केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे भारत के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है और यदि बादल इसी तरह शोध करते रहे तो भविष्य में एक बड़े वैज्ञानिक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शोधार्थी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं, जो संस्थान के लिए गर्व की बात है।

बादल महाकालकर ने सम्मेलन में टमाटर की फसल को बेहतर बनाने से जुड़ा अपना शोध प्रस्तुत किया। अपने शोध में वे जीनोम एडिटिंग नाम की आधुनिक और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। यह तकनीक पौधों में छोटे-छोटे बदलाव करके उन्हें ज्यादा पौष्टिक व मजबूत और बदलते मौसम के अनुकूल बनाने में मदद करती है। बादल का शोध टमाटर की ऐसी किस्में विकसित करने पर केंद्रित है जो अधिक पोषण दें व लंबे समय तक सुरक्षित रहें और किसानों को बेहतर उत्पादन दें। बादल महाकालकर, प्रोफेसर रूपेश देशमुख और डॉ हुमैरा सोनाह के मार्गदर्शन में अपना पीएचडी शोध कार्य कर रहे हैं। दोनों वैज्ञानिक इस शोध के सुपरवाइजर हैं और उन्होंने बादल के काम की सराहना की। बादल महाकालकर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने सुपरवाइजरों और विश्वविद्यालय के सहयोगी माहौल को दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा शोध करना है जिससे किसानों को सीधे फायदा मिले और कृषि को और मजबूत बनाया जा सके। विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी बादल की इस उपलब्धि पर खुशी जताई और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वह देश के विज्ञान और कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला