home page

नारनौल में प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करने पर पांच दुकानदारों के काटे चालान

 | 
नारनौल में प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग करने पर पांच दुकानदारों के काटे चालान


नारनाैल, 03 मार्च (हि.स.)। नारनौल में प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक सामग्री एवं पॉलीथिन का उपयोग करने पर शहर में पांच दुकानदारों के चालान काटे गए। सिंगल यूज़ प्लास्टिक सामग्री एवं पॉलीथिन की रोकथाम के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर जागरूकता बैनर भी लगाए गए हैं।

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने मंगलवार को बताया कि शहर में सात हजार रुपये के पांच चालान काटे गये हैं। उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख स्थानों पर जागरूकता बैनर भी लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के बारे में आम जनता को जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक सामग्री एवं पॉलीथिन का उपयोग पर्यावरण के लिए खतरा है। प्रदूषित पर्यावरण से हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अभियान के दौरान दुकानदारों से अपील की है कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग ना करें।

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले नागरिकों और संस्थाओं पर लगेगा भारी जुर्माना

जिला में सड़कों, नदियों, जलमार्गों, तालाबों, पंचायती भूमि और सरकारी जमीनों पर कचरा फेंकना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले नागरिकों और संस्थाओं पर अब भारी जुर्माना लगाया जाएगा। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नवीनतम आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले नागरिकों और संस्थाओं पर अब भारी जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुसार कचरा उत्पन्न करने वाले किसी भी व्यक्ति को सड़कों या खुले स्थानों पर कचरा फेंकने, जलाने या दबाने की अनुमति नहीं है। क्षेत्रीय अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कचरा फैलाने वाले सामान्य निवासियों पर पहली बार नियम तोड़ने पर पांच हजार रुपये और दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसी प्रकार भारी मात्रा में कचरा पैदा करने वाली बड़ी संस्थाओं या समूहों के लिए यह जुर्माना पहली बार में 25 हजार रुपये और दूसरी बार में 50 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद व नगरपालिका के अधिकारियों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने और उसे वसूलने के लिए अधिकृत किया गया है। यदि कोई दोषी नागरिक व संस्था जुर्माने की राशि जमा नहीं करती है, तो इसकी वसूली भू-राजस्व के बकाया की तरह कानूनी तौर पर की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला