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नारनौल में सर्विस चार्ज वसूली पर प्रशासन सख्त, जारी किए निर्देश

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नारनौल में सर्विस चार्ज वसूली पर प्रशासन सख्त, जारी किए निर्देश


नारनाैल, 28 अक्टूबर (हि.स.)। शहर के होटलों, रेस्तरां और कैफे में उपभोक्ताओं से जबरन सर्विस चार्ज वसूलने की प्रथा पर जिला प्रशासन सख्ती बरतेगा। इस संबंध में बुधवार को उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने सभी एसडीएम और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी को पत्र जारी कर नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं से अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज वसूलना नियमों के विरुद्ध है।

उपायुक्त ने कहा कि नियमों और अदालती फैसलों के बावजूद कुछ प्रतिष्ठानों में ग्राहकों से सर्विस चार्ज लिया जा रहा है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने चार जुलाई 2022 को जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया था कि होटल और रेस्तरां बिल में सर्विस चार्ज अपने आप या डिफॉल्ट रूप से नहीं जोड़ सकते। इसे किसी दूसरे नाम से भी अनिवार्य रूप से वसूलना प्रतिबंधित है।

निर्देशों के अनुसार, सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है। ग्राहक की सहमति के बिना इसे बिल में नहीं जोड़ा जा सकता। सर्विस चार्ज नहीं देने पर किसी ग्राहक को होटल या रेस्तरां में प्रवेश अथवा सेवा देने से मना नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, खाने के बिल में सर्विस चार्ज जोड़कर उस पर जीएसटी भी नहीं लगाया जा सकता।

उपायुक्त ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 28 मार्च 2025 को नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया बनाम भारत संघ मामले में सीसीपीए के दिशा-निर्देशों को बरकरार रखा था। अदालत के अनुसार, सर्विस चार्ज या टिप ग्राहक का स्वैच्छिक भुगतान है। इसे अनिवार्य बनाना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्टाफ वेलफेयर चार्ज, कर्मचारी कल्याण शुल्क, सर्विस फीस, हॉस्पिटैलिटी चार्ज या वॉलंटरी सर्विस चार्ज जैसे नामों से अनिवार्य वसूली भी सर्विस चार्ज मानी जाएगी। अधिकारियों को नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला