नारनौल: महिला आयोग सदस्य ने दहेज प्रथा के खिलाफ दिलाई शपथ
नारनाैल, 07 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता लोहचब ने कहा कि दहेज प्रथा समाज के लिए गंभीर अभिशाप और कलंक है। इसके कारण बेटियों और उनके परिवारों को आर्थिक के साथ-साथ मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सोच बदलनी होगी।
सुनीता लोहचब बुधवार को महिला थाना नारनौल में दहेज प्रथा के खिलाफ आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि दहेज लेना और देना दोनों ही सामाजिक कुरीति को बढ़ावा देते हैं। लोगों को इस प्रथा का विरोध करते हुए अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे न तो दहेज लें और न ही दहेज दें। साथ ही दूसरों को भी दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बेटियों को सम्मान और समान अधिकार देना समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में सुनीता लोहचब ने उपस्थित लोगों को दहेज न लेने और न देने की शपथ दिलाई।
महिला थाना नारनौल की थाना प्रभारी मंजूषा ने कहा कि दहेज मांगने या दहेज के लिए महिला को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ पुलिस कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करती है। उन्होंने दहेज संबंधी शिकायत मिलने के बाद पुलिस स्तर पर होने वाली कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामला न्यायालय तक पहुंचने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत दोषियों को सजा दिलाने का प्रावधान है।
थाना प्रभारी ने कहा कि दहेज के लोभियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

