नारनौलः केंद्रीय विश्वविद्यालय को 41 लाख का शोध अनुदान, कुपोषण से लड़ाई को मिलेगी नई ताकत
प्री-स्कूल बच्चों के लिए प्रोटीन युक्त रेडी-टू-ईट खाद्य विकसित करने की परियोजना स्वीकृत
नारनाैल, 25 मार्च (हि.स.)। महेंद्रगढ़ स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद (एचएसएचईसी) की ओर से 41 लाख रुपये का प्रतिष्ठित शोध अनुदान प्राप्त हुआ है। यह अनुदान ‘एक स्वस्थ राष्ट्र की दिशा में रेडी-टू-ईट (आरटीई) प्रोटीन-समृद्ध खाद्य उत्पादों का विकास एवं प्री-स्कूल बच्चों में कुपोषण प्रबंधन पर इसका प्रभाव’ विषय पर आधारित परियोजना के लिए स्वीकृत किया गया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो टंकेशवर कुमार ने बुधवार काे इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ अनीता कुमारी और सह-अन्वेषक प्रो सुरेंद्र सिंह को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शोध कार्य न केवल राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को मजबूती देते हैं, बल्कि विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमता और प्रतिबद्धता को भी सशक्त बनाते हैं।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्री-स्कूल आयु वर्ग के बच्चों में कुपोषण की गंभीर समस्या का समाधान खोजना है। इसके तहत पौष्टिक, किफायती और आसानी से उपलब्ध होने वाले रेडी-टू-ईट खाद्य उत्पाद विकसित किए जाएंगे, जो बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने में सहायक होंगे। यह शोध कार्य पोषण जीवविज्ञान विभाग के अंतर्गत डॉ अनीता कुमारी के नेतृत्व में संचालित किया जाएगा।
उनका शोध कार्य विशेष रूप से नवाचार आधारित खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के माध्यम से पोषण में सुधार पर केंद्रित है। इस परियोजना से न केवल वैज्ञानिक स्तर पर नई जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। इस मौके पर समकुलपति प्रो पवन कुमार शर्मा, कुलसचिव प्रो सुनील कुमार, शोध अधिष्ठाता प्रो नीलम सांगवान, स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज के अधिष्ठाता प्रो दिनेश कुमार गुप्ता तथा पोषण जीवविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो उमेश कुमार ने भी अन्वेषकों को बधाई देते हुए परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं दीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला

