कैथल: एनजीटी ने हरियाणा सरकार को जारी किया नोटिस,16 सितंबर को होगी सुनवाई
कैथल, 29 जुलाई (हि.स.)। खुराना गांव स्थित लैंडफिल साइट पर कथित पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन और ठोस कचरा प्रबंधन में अनियमितताओं के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने हरियाणा सरकार और संबंधित विभागों से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को होगी।
गांव खुराना के निवासियों की ओर से दायर आवेदन पर 22 जुलाई को सुनवाई करते हुए एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए। अधिकरण ने कहा कि याचिका में पर्यावरणीय मानदंडों के अनुपालन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए अधिकरण ने आवेदक को तीन दिन के भीतर याचिका की प्रति उपलब्ध कराने और एक प्रतिवादी पर विधिवत तामील कराने के निर्देश दिए।
इस आदेश के बाद खुराना गांव के लोगों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से उठाए जा रहे पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर अब ठोस कार्रवाई होगी। ग्रामीणों का कहना है कि लैंडफिल साइट के कारण क्षेत्र में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस कानूनी लड़ाई में राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला और विधायक आदित्य सुरजेवाला के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। दयाल सिंह मलिक, ईश्वर मलिक, महेंद्र, पूर्व सरपंच कुलतारण, इंद्र सिंह मुच्छल, शमशेर, पूर्व सरपंच अमरेंद्र खैरा, सुरेश, रणबीर, रमेश, अनिल और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि दोनों नेताओं ने शुरू से ही उनके आंदोलन और कानूनी संघर्ष का समर्थन किया।
ग्रामीणों ने भाजपा सरकार पर भी आरोप लगाया कि उसने लंबे समय तक इस समस्या के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए। उनका कहना है कि कांग्रेस के महासचिव रणदीप सुरजेवाला और कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने न केवल धरने का समर्थन किया बल्कि कानूनी स्तर पर भी लगातार सहयोग दिया।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि कैथल को अन्य शहरों का कूड़ाघर नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुरुक्षेत्र, पिहोवा, शाहाबाद, पूंडरी, राजौंद, कलायत, सीवन समेत कई क्षेत्रों का कचरा खुराना लैंडफिल में डाला जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सुरजेवाला ने यह भी दावा किया था कि उनके कार्यकाल में केवल कैथल शहर के कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की योजना बनाई गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने लंबे समय के लिए ठेका देकर दूसरे क्षेत्रों का कचरा भी यहां भेजना शुरू कर दिया। उन्होंने इसे सरकार की गलत नीति और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

