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हरियाणा में इमारत निर्माण काे लागू नहीं हाेंगे नए नियम

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-दुकान व फैक्टरी के लिए पुराने नियमों पर मिलेगी मंजूरी

चंडीगढ़, 29 जून (हि.स.)। हरियाणा में अभी किसी प्रकार के भवन निर्माण को लेकर पुराने नियम ही लागू होंगे। आम जन को मकान, दुकान, फैक्टरी आदि बनाते समय भवन निर्माण और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) के लिए पुराने नियमों के तहत ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

सरकार ने पिछले वर्ष हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में कई बड़े बदलाव किए थे, जिनके तहत पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन, पारदर्शी और सर्टिफिकेशन आधारित बनाया जाना था। लेकिन ऑनलाइन पोर्टल, डिजिटल ई-रजिस्टर, थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन और अतिरिक्त एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) जैसी व्यवस्थाएं अभी तैयार नहीं होने के कारण सरकार ने इन संशोधनों के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि नई व्यवस्था लागू होने तक पुराने प्रावधानों के तहत ही भवन निर्माण से जुड़े सभी कार्य किए जाएं।

8 दिसंबर, 2025 को हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए थे। इनका उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाना, अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करना और अनुमति प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना था। संशोधित व्यवस्था के तहत भवन निर्माण से जुड़े अधिकांश आवेदन ऑनलाइन किए जाने थे और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में भी बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए थे।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद भवन निर्माण से संबंधित हर आवेदन का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा। आवेदन कब प्राप्त हुआ, किसे मंजूरी मिली, किसका आवेदन वापस किया गया या अस्वीकार हुआ तथा किसे ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी किया गया, इसकी पूरी जानकारी ई-रजिस्टर में दर्ज होगी। सरकार ने भवनों की श्रेणी के अनुसार ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी करने की नई व्यवस्था भी तैयार की है। कम जोखिम वाले भवनों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन का प्रावधान किया गया है, जबकि उच्च जोखिम वाले भवनों के मामलों में थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन लागू होगा।

संशोधित बिल्डिंग कोड में उद्योगों और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त एफएआर खरीदने का प्रावधान किया गया है। हालांकि सरकार ने अभी तक इसके शुल्क तय नहीं किए हैं। ऐसे में अतिरिक्त एफएआर की अनुमति भी फिलहाल नहीं मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा