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सडक़ की मरम्मत में लापरवाही की तो एजेंसी की बैंक गारंटी होगी कैश : रणबीर गंगवा

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-मंत्री ने दिए निर्देश, हरियाणा के अधिकारियों की ली बैठक

-एसई,एक्सइन व आला अफसर तीन दिन फील्ड में जाकर सडक़ों का करेंगे निरीक्षण

चंडीगढ़, 16 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने डीएलपी अवधि के दौरान सडक़ों की मरम्मत में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सडक़ खराब होने के बावजूद यदि संबंधित एजेंसी समय पर उसकी मरम्मत नहीं करती है तो विभाग कार्रवाई करने में देरी नहीं करेगा। ऐसी एजेंसी की बैंक गारंटी कैश करवाकर विभाग अपने स्तर पर कर्मचारी, रोलर और अन्य संसाधन लगाकर सडक़ की मरम्मत करवाएगा।

कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने यह निर्देश हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। गंगवा ने कहा कि प्रदेश में लगभग 19 हजार किलोमीटर सडक़ें डीएलपी अवधि में हैं। इन सडक़ों के रखरखाव और समय पर मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डीएलपी अवधि वाली सडक़ों की नियमित निगरानी की जाए और सडक़ में किसी भी प्रकार की खराबी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि मरम्मत के लिए शिकायत का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर सडक़ की स्थिति देखें और आवश्यकता होने पर तुरंत कार्रवाई करवाएं। मंत्री ने कहा कि सडक़ें आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही से सीधे जुड़ी हुई हैं, इसलिए इनके रखरखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने एसई, एक्सईएन और अन्य आला अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन फील्ड में जाकर सडक़ों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

बैठक में हरियाणा के 11 सर्कलों में करीब 2,813.339 किलोमीटर सडक़ों से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा हरसैक परियोजना, ‘म्हारी सडक़’ ऐप, वर्क प्रोग्राम 2026-27 तथा मॉडल रोड से संबंधित कार्यों पर भी चर्चा हुई। मंत्री रणबीर गंगवा ने वर्क प्रोग्राम 2026-27 की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है, उन्हें तेजी से शुरू किया जाए। अक्टूबर माह में वर्क प्रोग्राम के तहत सभी कार्यों को गति मिलनी चाहिए और एक नवंबर से सभी संबंधित कार्य जमीन पर दिखाई देने चाहिए। जिन कार्यों में किसी स्तर पर लेटलतीफी चल रही है, वहां संबंधित अधिकारी प्रक्रिया में तेजी लाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा