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हिसार: गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के नौ कार्यक्रमों को एनबीए मान्यता

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हिसार: गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के नौ कार्यक्रमों को एनबीए मान्यता


वैश्विक स्तर पर बढ़ी विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा

हिसार, 04 जून (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,

हिसार (गुजविप्रौवि) ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि

हासिल करते हुए अपने नौ कार्यक्रमों के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिशन (एनबीए), भारत

से मान्यता प्राप्त की है। मान्यता प्राप्त कार्यक्रमों में एमबीए, एमसीए, एमटेक पर्यावरण

विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक सूचना प्रौद्योगिकी,

बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, बीटेक

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा बीटेक प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी शामिल हैं।

इस उपलब्धि पर गुरुवार को विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में कुलसचिव डा. विजय कुमार, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चाबा, विभिन्न संकायों

के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. नरसी

राम बिश्नोई ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की तथा कहा कि एनबीए मान्यता विश्वविद्यालय

की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, परिणाम-आधारित शिक्षा, प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं,

अनुसंधान गतिविधियों, आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं तथा उद्योगोन्मुखी पाठ्यक्रमों की

राष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि करती है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के संकाय

सदस्यों, विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक

प्रयासों का परिणाम है। कुलपति ने इस सफलता के लिए सभी संबंधित पक्षों को बधाई दी।

प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि गुजविप्रौवि निरंतर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय

स्तर पर अपनी पहचान को मजबूत कर रहा है। वर्तमान में विश्वविद्यालय का स्कोपस इंडेक्स

142 है, जो क्षेत्र में सर्वाधिक है। विश्वविद्यालय के नाम 5972 अनुसंधान प्रकाशन और

136000 से अधिक साइटेशन्स दर्ज हैं। हाल ही में जारी टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया रैंकिंग

2026 में गुजविप्रौवि ने हरियाणा के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान

प्राप्त किया है।

भारत में इसे 76वां और पूरे एशिया में 501-600 की श्रेणी में स्थान

मिला है।

डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चाबा ने बताया कि एनबीए मान्यता प्राप्त कार्यक्रम

विद्यार्थियों को अनेक प्रत्यक्ष एवं दीर्घकालिक लाभ प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा

कि एनबीए से मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कार्यक्रम वाशिंगटन अकॉर्ड से संबद्ध होने

के कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मान्यता प्राप्त करते हैं। इससे विद्यार्थियों

को अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, जापान तथा

अन्य सदस्य देशों में उच्च शिक्षा, पेशेवर पंजीकरण और रोजगार के अवसर प्राप्त करने

में सुविधा मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि एनबीए मान्यता से विद्यार्थियों की रोजगार

क्षमता में वृद्धि होती है। उद्योगों एवं नियोक्ताओं के बीच डिग्रियों की विश्वसनीयता

सुदृढ़ होती है तथा राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।

इसके अतिरिक्त यह मान्यता विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा

को बढ़ाने, उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित

करने तथा वैश्विक शैक्षणिक साझेदारियों के नए अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका

निभाती है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की गुणवत्ता, पारदर्शिता, निरंतर सुधार और उत्कृष्टता

के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर