पानीपत: अदालत के आदेश पर चार साल बाद हत्या का केस दर्ज
पानीपत, 05 फ़रवरी (हि.स.)। पानीपत जिला न्यायालय में हिमानी गिल की अदालत ने करीब चार साल पहले हुई एक युवक की मौत के मामले में फैसला सुनाते हुए पुलिस को हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इस केस में पुलिस ने एक युवक की मौत को सड़क दुर्घटना मानकर अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई थी। मृतक की मां ने अदालत में याचिका दायर की। याचिका पर जेएमएफसी हिमानी गिल की कोर्ट ने पुलिस को जांच के आदेश दिए। अब चार साल बाद अदालत के आदेश पर पुलिस ने मृतक की प्रेमिका और के भाई के खिलाफ हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता फूल मजीरा ने कोर्ट को बताया कि उसका 42 वर्षीय बड़ा बेटा शहजाद 28 दिसंबर 2022 को अपनी कार से घर से निकला था। आरोप है कि उसकी प्रेमिका रीना और उसके भाई अली हसन ने उसे बार-बार फोन कर गांव गवालड़ा बुलाया था।
शहजाद को आखिरी बार अलीहसन के घर के सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था अगले दिन 29 दिसंबर को शहजाद का शव चमराड़ा के पास सड़क किनारे मिला। मौके पर अलीहसन और रीना का पति मांगता मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि शहजाद की मौत मोटरसाइकिल के पेड़ से टकरानेके कारण हुई है। पोस्टमार्टम में शहजाद का जबड़ा टूटा हुआ था, जीभ बाहर थी और आंतरिक अंगों (लीवर और फेफड़े) में गंभीर चोटें थीं, जो सड़क हादसे के बजाय मारपीट की ओर इशारा करती हैं।
एक गवाह के अनुसार सुबह अलीहसन को शहजाद की कार चलाते देखा था,कार की खिड़कियां ढकी हुई थीं। आरोप है कि पुलिस ने शहजाद के छोटे भाई दिलशाद पर दबाव बनाकर कोई कार्रवाई नहीं चाहते है, वाला बयान लिखवा लिया था और मामले को निपटा दिया था। शिकायत के अनुसार, रीना ने शहजाद से 50 हजार रुपए उधार लिए थे और अलीहसन ने भी 18 हजार रुपए लिए थे। जब शहजाद ने अपने पैसे वापस मांगे और रीना के किसी अन्य व्यक्ति (देवेंद्र) के साथ संबंधों का विरोध किया, तो रीना ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
आरोप है कि इसी रंजिश के चलते शहजाद की हत्या कर उसे हादसे का रूप दिया गया। काफी अरसे तक पुलिस और उच्च अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद, जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने साक्ष्यों और आखिरी बार आरोपियों के साथ देखे जाने के आधार पर थाना इसराना पुलिस को हत्या और साक्ष्य मिटाने के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा

