यमुनानगर: कारोबार को मजबूत बनाने के लिए सरकार की सुविधाओं का लाभ उठाएं: दिनेश कुमार
यमुनानगर, 28 अक्टूबर (हि.स.)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को यमुनानगर में एमएसएमई कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के हरियाणा स्टेट चैप्टर ने हरियाणा सरकार के एमएसएमई निदेशालय और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से रेजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस कार्यक्रम के तहत यह आयोजन किया। इसमें सरकारी योजनाओं, डिजिटल तकनीक, निर्यात विस्तार और पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक गतिविधियों पर चर्चा हुई।
जिला एमएसएमई केंद्र के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने उद्यमियों को उद्योगों के विकास के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहायता की जानकारी दी। उन्होंने कारोबार को मजबूत बनाने के लिए इन सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। केंद्र के औद्योगिक विस्तार अधिकारी रोहित टिंडल ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम उद्यमियों को सरकारी सहायता और विकास की संभावनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पीएचडीसीसीआई हरियाणा स्टेट चैप्टर के सह-अध्यक्ष शिवम सलूजा ने कहा कि उद्योगों की दीर्घकालिक प्रगति के लिए डिजिटल तकनीक अपनाना, कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना और व्यावसायिक प्रक्रियाओं में सुधार जरूरी है। तकनीकी सत्र में अल्ट्रुइस्ट टेक्नोलॉजीज के कानूनी एवं अनुपालन प्रमुख एडवोकेट दीपक भारद्वाज ने डिजिटल साक्षरता, ऑटोमेशन, डिजिटल वित्तीय सुविधाओं और ई-कॉमर्स के माध्यम से कारोबार में सुधार के पहलुओं पर जानकारी दी। विदेश व्यापार महानिदेशालय की यंग प्रोफेशनल पारुल जगलान ने निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं, नियामकीय अनुपालन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच बनाने के अवसरों पर प्रकाश डाला। सूर्या जीरो वेस्ट के संस्थापक गौतम शर्मा ने जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज और सर्कुलर इकोनॉमी की उपयोगिता बताई। कॉन्क्लेव में एमएसएमई के आधुनिकीकरण, बाजार विस्तार और टिकाऊ औद्योगिक विकास के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

