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पलवल : एसवीएसयू पलवल और नेपाल की पोखरा यूनिवर्सिटी के बीच हुआ समझौता

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पलवल : एसवीएसयू पलवल और नेपाल की पोखरा यूनिवर्सिटी के बीच हुआ समझौता


पलवल, 21 मार्च (हि.स.)। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने नेपाल की पोखरा यूनिवर्सिटी के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया है। यह एमओयू दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। वर्चुअल माध्यम से हुए इस समझौते से भारत-नेपाल के बीच शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुल गई हैं।

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जबकि दूसरी तरफ से नेपाल की पोखरा यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. अजय थापा ने हस्ताक्षर किए।

कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने इसे ऐतिहासिक साझेदारी की शुरुआत बताया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के विद्यार्थी और फैकल्टी को इससे बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। दोनों संस्थान मिल कर अकादमिक उत्कृष्टता, रिसर्च और इनोवेशन पर काम करेंगे। कुलगुरु ने नेपाल की पोखरा यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को बधाई दी। कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने पहल के लिए एसवीएसयू की इंटरनेशनल कोलैबोरेशन सेल के प्रमुख डॉ. समर्थ सिंह को बधाई दी। प्रोफेसर राणा ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय मिल कर प्रबंधन एवं कौशल के क्षेत्र में मिल कर उल्लेखनीय कार्य करेंगे। डॉ. समर्थ सिंह ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य छात्रों और फैकल्टी के एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करना व साथ ही संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट्स और प्रायोजित परियोजनाओं पर भी मिल कर काम होगा। दोनों विश्वविद्यालयों की फैकल्टी ट्रेनिंग, वर्कशॉप और कैपेसिटी बिल्डिंग एक्टिविटी को बढ़ावा देंगे। संयुक्त सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप और अन्य इवेंट्स भी आयोजित किए जाएंगे।

डॉ. समर्थ सिंह ने बताया कि यह समझौता छात्रों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, जहां वे विदेशी विश्वविद्यालय में पढ़ाई, ट्रेनिंग और रिसर्च का अनुभव ले सकेंगे। साथ ही, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और अकादमिक समझ भी बढ़ेगी।

इस अवसर पर पोखरा यूनिवर्सिटी की ओर से डॉ. दीपांजल श्रेष्ठ, डीन प्रोफेसर जी. शर्मा, सुरेंद्र तिवारी, सरला भट्ट, प्रकाश बहादुर अधिकारी और एसवीएसयू की तरफ से डॉ. योगेश वर्मा उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग