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हिसार में स्वच्छता के लिए निगम की पांच सूत्रीय योजना, पहले चरण में 100 घरों को बनाया जाएगा मॉडल

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हिसार में स्वच्छता के लिए निगम की पांच सूत्रीय योजना, पहले चरण में 100 घरों को बनाया जाएगा मॉडल


गीला-सूखा कचरा अलग करने से लेकर पुराने कपड़ों के पुनः उपयोग तक चलेगा अभियान

सामाजिक संस्थाओं और आरडब्ल्यूए को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी

हिसार, 05 नवंबर (हि.स.)। शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर

निगम अब सामाजिक संस्थाओं, आरडब्ल्यूए, एनजीओ और पार्क समितियों को साथ लेकर पांच सूत्रीय

कार्ययोजना लागू करेगा। इसके तहत ग्रीन बेल्ट की सफाई, घरों में गीले-सूखे कचरे का

अलग-अलग संग्रहण, जैविक कचरे से खाद तैयार करने, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के प्रति

जागरूकता और पुराने उपयोग योग्य कपड़ों को जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

अभियान के पहले चरण में 100 घरों में शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण सुनिश्चित करने का लक्ष्य

रखा गया है।

इस संबंध में नगर निगम के मुख्य सभागार में गुरुवार काे निगमायुक्त सी. जयाश्रद्धा की अध्यक्षता

में बैठक हुई। इसमें अतिरिक्त आयुक्त डॉ. वेद प्रकाश, अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप

हुड्डा, एक्सईएन अमित कौशिक, समाजसेवी सीमा जिंदल, जेई सुमित नुनाच, सीएसआई राजेश सहित

विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, आरडब्ल्यूए, एनजीओ और पार्क समितियों के प्रतिनिधि शामिल

हुए। निगमायुक्त ने कहा कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए जनभागीदारी

जरूरी है। नगर निगम सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक

करेगा। उन्होंने ग्रीन बेल्ट में कचरा और मलबा डालने से बचने की अपील करते हुए कहा

कि सार्वजनिक हरित क्षेत्रों की स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने

घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए सामाजिक संस्थाएं

पहले चरण में 50 से 100 घरों का चयन कर वहां शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण सुनिश्चित करवाएं।

इसके सकारात्मक परिणाम आने पर अभियान का विस्तार किया जाएगा। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण

करने वाले कर्मचारियों को भी जागरूक और प्रशिक्षित किया जाएगा। कचरा संग्रहण वाहन में

अलग-अलग कचरा देने में परेशानी होने पर नागरिक नगर निगम की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज

करवा सकेंगे। बैठक में घरों और पार्कों से निकलने वाले जैविक कचरे के निस्तारण पर भी चर्चा

हुई। निगमायुक्त ने आरडब्ल्यूए और एनजीओ से अपील की कि कंपोस्ट योग्य कचरे से पार्कों

और ग्रीन बेल्ट में निर्धारित स्थानों पर खाद तैयार करने की व्यवस्था विकसित करें।

इससे कचरे का उपयोगी निस्तारण होने के साथ जैविक खाद भी उपलब्ध होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर