पानीपत: हमले में घायल नाबालिग छात्र की मौत
पहले से दर्ज मामले में हत्या की धाराएं जुड़ी
पानीपत, 24 जून (हि.स.)। पानीपत के गांव बड़ौली में करीब दो महीने पहले ताऊ के परिवार द्वारा किए गए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए नाबालिग छात्र की इलाज के दौरान बीती रात पीजीआई राेहतक में मौत हो गई है। वह पिछले दो महीनों से वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था और था। मृतक की पहचान गांव बड़ौली निवासी 16 वर्षीय शेखर के रूप में हुई है। वह नाैवीं कक्षा का छात्र था और दो बहनों का इकलौता भाई था।
घटना 22 अप्रैल की शाम की थी। जब शेखर अपने पिता रामेश्वर के साथ गांव की गली से होते हुए अपने घर लौट रहा था। रास्ते में उनके ताऊ कृष्ण लाल और उनके परिवार के सदस्यों- अजय, विजय, बिमला और लोकेशा ने दोनों का रास्ता रोक लिया। विवाद की वजह सिर्फ इतनी थी कि रामेश्वर का लोडिंग टेंपो गली में खड़ा था, जिसे हटाने को लेकर ताऊ का परिवार बहस करने लगा। देखते ही देखते मामूली कहासुनी गाली-गलौज और फिर खूनी संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि कृष्ण लाल और उसके परिवार ने लाठी, डंडों और ईंटों से रामेश्वर और उसके बेटे शेखर पर हमला कर दिया।
इस बर्बर हमले में रामेश्वर के दोनों हाथों और कंधों पर गंभीर चोटें आईं। वहीं, हमलावरों ने निर्दयता की सारी हदें पार करते हुए 16 साल के मासूम शेखर के सिर पर इंटरलॉकिंग ईंट से जोरदार वार किया। ईंट लगते ही शेखर लहूलुहान होकर वहीं गिर गया और अचेत हो गया। घटना के तुरंत बाद शेखर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया था। सिर में गंभीर चोट होने के कारण शेखर पिछले 2 महीने से वेंटिलेटर के सहारे ही सांसें ले पा रहा था कि 23 जून की शाम को उसकी मौत हो गई। थाना सदर प्रभारी गुलशन ने बताया कि अब इस मामले में हत्या की धारा और जोड़ दी गई है। अब इसी के आधार पर कार्रवाई होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा

