home page

चंडीगढ़ में एमएलए हॉस्टल डिस्पेंसरी को मिले 1.20 करोड़ के चिकित्सा उपकरण

 | 
चंडीगढ़ में एमएलए हॉस्टल डिस्पेंसरी को मिले 1.20 करोड़ के चिकित्सा उपकरण


-ट्राईसिटी के मरीजों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

चंडीगढ़, 23 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल डिस्पेंसरी में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का उद्घाटन किया। इन उपकरणों के शुरू होने से डिस्पेंसरी में मरीजों को अत्याधुनिक जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे ट्राइसिटी के नागरिकों, दो राज्यों के विधायकों तथा सरकारी कर्मचारियों को एक ही स्थान पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

एमएलए हॉस्टल डिस्पेंसरी में इन नई सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को सामान्य जांच के लिए दूसरे स्वास्थ्य संस्थाओं में जाने और मशीनों की अनुपलब्धता के कारण इंतजार करने की आवश्यकता कम होगी। अब यहां 4डी अल्ट्रासाउंड इमेजिंग, भ्रूण के हृदय की जांच, डिजिटल एक्स-रे, आधुनिक फिजियोथेरेपी और ईसीजी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

डिस्पेंसरी में 77.15 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड कलर डॉप्लर सिस्टम स्थापित किया गया है। यह मशीन 4डी इमेजिंग, फीटल इकोकार्डियोग्राफी तथा लिवर, स्तन और थायराइड से संबंधित स्थितियों की जांच के लिए उन्नत इलास्टोग्राफी जैसी सुविधाओं से लैस है। यह प्रणाली प्रति सेकंड 1,500 फ्रेम तक इमेजिंग करने और 40 सेंटीमीटर तक की गहराई में जांच करने में सक्षम है।

इस मशीन में सुई की स्थिति को स्पष्ट रूप से देखने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर भी उपलब्ध है, जिससे चिकित्सकों को विभिन्न प्रक्रियाओं के दौरान अधिक सटीक मार्गदर्शन मिल सकेगा। इसमें एक लाख तक की डिजिटल इमेज सुरक्षित रखने की क्षमता है। इसके अतिरिक्त, डीआईसीओएम और एचआईएस/आरआईएस कनेक्टिविटी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुविधाएं जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगी।

डिस्पेंसरी में 11.01 लाख रुपये की लागत से डिजिटल रेडियोग्राफी सिस्टम तथा 7.66 लाख रुपये की लागत से 300 एमए एक्स-रे मशीन भी स्थापित की गई है। इन सुविधाओं से फ्रैक्चर, छाती से संबंधित बीमारियों और रीढ़ की हड्डी की चोटों जैसी समस्याओं की जांच में मदद मिलेगी। डिजिटल तकनीक से एक्स-रे की तस्वीरें तेजी से प्राप्त की जा सकेंगी और पारंपरिक फिल्म आधारित प्रणाली पर निर्भरता कम होगी। मरीजों को आधुनिक फिजियोथेरेपी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 14.90 लाख रुपये की लागत से डीप ऑसिलेशन पल्स्ड इलेक्ट्रोस्टेटिक फील्ड थेरेपी यूनिट तथा 8.70 लाख रुपये की लागत से शॉकवेव थेरेपी यूनिट स्थापित की गई है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा