सोनीपत : रूस-यूक्रेन युद्ध में इब्राहिमपुर कुराड़ युवक की मौत
सोनीपत, 02 अप्रैल (हि.स.)। जिले के इब्राहिमपुर कुराड़ निवासी अंकित बेहतर भविष्य की तलाश में स्टडी वीजा
पर रूस गया था, लेकिन वह रूस-यूक्रेन युद्ध की भेंट चढ़ गया। परिवार ने कर्ज लेकर उसे
विदेश भेजा था ताकि वह पढ़ाई कर नौकरी पाए और घर की आर्थिक स्थिति सुधारे। अब अंकित
का पार्थिव शरीर सोनीपत लाया जाएगा। घटना से परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक है।
अंकित
13 मार्च 2025 को एक मेडिएटर के जरिए स्टडी वीजा पर रूस गया था। उसने सोनीपत से बीए
की पढ़ाई पूरी की थी और लैंग्वेज कोर्स करने के लिए विदेश गया था। शुरुआती पांच-छह
महीनों तक वह मॉस्को में एक होटल में काम करते हुए पढ़ाई कर रहा था। मामा संजय के अनुसार
रूस में भारतीय युवाओं को पहले अच्छी सैलरी का लालच दिया जाता है और असहमत होने पर
दबाव बनाकर सेना में भर्ती किया जाता है। अंकित को भी एक भारतीय एजेंट के जरिए रूस
की सेना में शामिल कराया गया। उसे करीब दो लाख रुपये मासिक वेतन का लालच दिया गया था।
जानकारी
के अनुसार 26 अगस्त 2025 को रूस के एवानावा शहर में उसे सेना में भर्ती किया गया। महज
15 दिन की ट्रेनिंग के बाद उसे रूस-यूक्रेन फ्रंटलाइन पर भेज दिया गया। फ्रंटलाइन तक
पहुंचने के लिए नदी पार करनी पड़ती थी। इसी दौरान लड़ाई में उसकी मौत हो गई।
मामा
के अनुसार 12 अक्टूबर 2025 को आखिरी बार परिवार से उसकी बातचीत हुई थी। इसके बाद संपर्क
नहीं हो पाया। परिवार को लगा नेटवर्क समस्या है, लेकिन बाद में उसकी मौत की सूचना मिली।
मंगलवार को मामा और दोस्त जितेंद्र को रूस स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से सूचना
दी गई। अंकित परिवार का इकलौता बेटा था। दो बहनें शादीशुदा हैं। परिवार के पास आधा
एकड़ जमीन है और कोई स्थायी आय नहीं है। मां गृहिणी हैं और पूरे परिवार की उम्मीदें
उसी पर टिकी थीं। परिवार उसकी वापसी और शादी की तैयारी का सपना देख रहा था, जो अब टूट
गया। घटना के बाद गांव में शोक है। परिवार ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी
कार्रवाई और अन्य भारतीय युवकों को सुरक्षित भारत लाने की मांग की है।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

