home page

हांसी: भारतीय सेना के मेजर मोहित ढांडा का यूएन के लिए चयन

 | 
हांसी: भारतीय सेना के मेजर मोहित ढांडा का यूएन के लिए चयन


सेना में रहते हुए हासिल की मेरिट, अगले सप्ताह

शुरू करेंगे सेवाएं

बुडाना का छोरा अब संयुक्त राष्ट्र में निभाएगा

जिम्मेदारी

हांसी, 05 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के गांव बुडाना

के रहने वाले भारतीय सेना के मेजर मोहित ढांडा ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर गांव

ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। भारतीय सेना ने मेजर मोहित ढांडा

का चयन संयुक्त राष्ट्र संघ में सेवाएं देने के लिए किया है। वह अगले सप्ताह यूएन में

अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी इस उपलब्धि से गांव बुडाना और क्षेत्र में खुशी

का माहौल है।

देश सेवा का जज्बा मेजर मोहित ढांडा के मन में

बचपन से ही था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद

भारतीय सेना की तोपखाना 226 रेजीमेंट में सेवा शुरू की। सेना में कैप्टन रहते हुए संयुक्त

राष्ट्र संघ में अधिकारियों के चयन के लिए आयोजित टेस्ट में उन्होंने हिस्सा लिया।

टेस्ट में सफलता हासिल करने के साथ उन्होंने मेरिट में स्थान बनाया। इसके बाद उनका

चयन संयुक्त राष्ट्र संघ में सेवाएं देने के लिए हुआ। मेजर मोहित ढांडा ने सेना में रहते हुए अपनी पेशेवर

दक्षता का भी परिचय दिया। वह सेना के प्रतिष्ठित इंस्ट्रक्टर गनरी और स्टाफ कॉलेज कोर्स

पहली बार में अच्छे ग्रेड के साथ पास कर चुके हैं। इन उपलब्धियों के चलते उन्होंने

अपनी रेजीमेंट का नाम रोशन किया। अब भारतीय सेना की ओर से संयुक्त राष्ट्र संघ में

सेवाएं देने के लिए उनका चयन किया गया है।

पिता बोले- बेटे का यूएन तक पहुंचना गौरव की बात

मेजर मोहित ढांडा के पिता सेवानिवृत्त संयुक्त

निदेशक, विद्यालय शिक्षा हरियाणा जयवीर सिंह ढांडा ने कहा कि उनके बेटे का संयुक्त

राष्ट्र संघ के लिए चयन पूरे गांव और देश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि

मोहित का बचपन से ही सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने और नाम रोशन करने का सपना

था। पूरे देश से अधिकारियों की मांग के तहत हुए चयन में मोहित का चयन हुआ है। मेजर

मोहित ढांडा की पत्नी गृहिणी हैं और उनकी दो बेटियां हैं। उनके पिता जयवीर सिंह ढांडा

शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जबकि माता मूर्ति देवी गृहिणी हैं। उनकी

बहन चिकित्सक के पद पर सेवाएं दे रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर