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राेहतक: एमडीयू के एफडीपी में एआई आधारित शिक्षण के गुर सीखे

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-इसरो, एनएमआईएमएस, कुरुक्षेत्र विवि व आईआईआईटी श्री सिटी के विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यानरोहतक, 04 अगस्त (हि.स.)। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी), कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग तथा डीएवी शताब्दी कॉलेज फरीदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे दिन शिक्षकों को एआई आधारित शिक्षण, मूल्यांकन और शोध के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी गई।

विभिन्न संस्थानों से पहुंचे विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल और इसकी संभावनाओं पर चर्चा की। आईआईआरएस-इसरो के डॉ. अनिल कुमार ने रिमोट सेंसिंग, भू-स्थानिक तकनीक, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी और प्रिसिजन एग्रीकल्चर में एआई के इस्तेमाल की जानकारी दी। एनएमआईएमएस, मुंबई के रजिस्ट्रार प्रो. तन्मय चक्रवर्ती ने उच्च शिक्षा में एआई, सोशल नेटवर्क और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग की भूमिका पर प्रकाश डाला। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने आउटकम बेस्ड एजुकेशन (ओबीई) को एआई आधारित शिक्षण से प्रभावी बनाने के उपाय बताए। एमडीयू के वरिष्ठ प्रो. नसीब सिंह गिल ने चैटजीपीटी, जेमिनी, क्लॉड, परप्लेक्सिटी व नोटबुकएलएम जैसे एआई टूल्स के शिक्षण एवं शोध में उपयोग की जानकारी दी। आईआईआईटी श्री सिटी के प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने एआई की मदद से दक्षता आधारित प्रश्नपत्र तैयार करने, पारदर्शी मूल्यांकन तथा एनईपी-2020 के अनुरूप आंकलन प्रक्रिया को सरल बनाने के तरीके बताए। सत्रों के दौरान शिक्षकों ने विशेषज्ञों से संवाद कर एआई को शिक्षण और शोध में प्रभावी ढंग से अपनाने के व्यावहारिक पहलुओं को समझा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल