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हिसार : ‘प्रज्ञान-2026’ में सीनियर्स ने 2050 जूनियर्स को सिखाए सॉफ्ट स्किल्स, खुद भी सीखे नेतृत्व के गुर

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हिसार : ‘प्रज्ञान-2026’ में सीनियर्स ने 2050 जूनियर्स को सिखाए सॉफ्ट स्किल्स, खुद भी सीखे नेतृत्व के गुर


139 अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने 65 बैच में दिया प्रशिक्षण, टी एंड पी

सेल ने सम्मान समारोह में किया प्रशिक्षकों व स्वयंसेवकों को सम्मानित

हिसार, 06 अक्टूबर (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के ‘स्पीकाथॉन क्लब’ की ओर से ‘प्रज्ञान-2026’ के विद्यार्थी प्रशिक्षकों

के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दो दिवसीय सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम

में विभिन्न विभागों के अंतिम वर्ष के 139 विद्यार्थियों ने 65 बैच में प्रथम वर्ष

के 2050 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया। आठ प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से आयोजित

इस पहल में सीनियर्स ने जूनियर्स को कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के साथ स्वयं भी

नेतृत्व, संचार और मेंटरिंग का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार मंगलवार काे इस समारोह में मुख्य अतिथि रहे, जबकि

ग्रेटर हिसार चैंबर ऑफ कॉमर्स के संस्थापक एवं अध्यक्ष मनीष गोयल विशिष्ट अतिथि थे।

अध्यक्षता ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक डॉ. प्रताप सिंह ने की। समारोह को

संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. विजय कुमार ने विश्वविद्यालय में पढ़ाई के शुरुआती वर्षों

से ही संचार और सॉफ्ट स्किल्स विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ‘प्रज्ञान-2026’

के पीयर-लर्निंग मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि जूनियर्स को प्रशिक्षण देने से अंतिम

वर्ष के विद्यार्थियों में मेंटरिंग, नेतृत्व और संचार कौशल विकसित होते हैं, जबकि

प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को शुरुआत में ही जरूरी कौशल सीखने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि ऐसी पहल सीनियर्स और जूनियर्स के बीच संबंधों को मजबूत करने के साथ

विश्वविद्यालय के प्रति अपनापन और जुड़ाव की भावना भी बढ़ाती है।

मनीष गोयल ने कॉर्पोरेट जगत में संचार, टीमवर्क, नेतृत्व और परिस्थितियों के

अनुसार ढलने की क्षमता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने मिलकर सीखने और कौशल

विकास की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विद्यार्थी प्रशिक्षकों की सराहना की।

डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि कार्यक्रम को 130 बैच एवं संयुक्त-बैच समन्वयकों

तथा 30 सदस्यों की समर्पित कोर टीम का सहयोग मिला। कार्यक्रम से पहले सभी 139 विद्यार्थी

प्रशिक्षकों ने पीएसईएल, हिसार के निदेशक डॉ. पंकज असीजा द्वारा आयोजित ‘ट्रेन-द-ट्रेनर्स’ कार्यक्रम में भाग

लिया। इसमें प्रभावी प्रशिक्षण, विद्यार्थियों की भागीदारी, कक्षा प्रबंधन तथा दोस्ताना

व्यवहार और प्रोफेशनलिज्म के बीच संतुलन बनाए रखने पर प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय कुलगीत से हुई। इसके बाद कार्यक्रम समन्वयक

कीर्ति ने ‘प्रज्ञान-2026’ पर डॉक्यूमेंट्री और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। सहायक

निदेशक डॉ. आदित्य वीर सिंह ने बताया कि समारोह में यादृच्छिक रूप से चुने गए पांच

विद्यार्थी प्रशिक्षकों और पांच बैच समन्वयकों ने अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थी

प्रशिक्षकों ने बताया कि जूनियर्स के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने से उनके आत्मविश्वास,

संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना में वृद्धि हुई। साथ ही उन्हें

जूनियर्स के साथ बेहतर संबंध बनाने का अवसर मिला।

बैच समन्वयकों ने बताया कि बैच प्रबंधन से उन्हें सहयोग, टीमवर्क, आपसी संवाद,

कार्यक्रम प्रबंधन और जिम्मेदारियां संभालने का व्यावहारिक अनुभव मिला। समारोह में

सभी 139 विद्यार्थी प्रशिक्षकों और स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित

किया गया। कार्यक्रम समन्वयक कीर्ति, सागर और वंशिका के नेतृत्व में विद्यार्थियों

की टीम ने क्लब समन्वयक अर्पित और क्लब मेंटर दीपांशु के मार्गदर्शन में कार्य किया।

कार्यक्रम की योजना और सफल आयोजन में टीम समन्वयक लक्ष्य ने डेटा टीम, अवनी ने मीडिया

टीम, सृजल ने लॉजिस्टिक्स टीम और ध्रुव ने स्टूडेंट इंगेजमेंट टीम की जिम्मेदारी संभाली।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर