हिसार : विस्तार शिक्षा संस्थान, नीलोखेड़ी की प्रशिक्षण देने में अग्रणी भूमिका : प्रो. बीआर कम्बोज
हकृवि में संस्थान नीलोखेड़ी की 33वीं प्रबंधन
समिति की बैठक आयोजित
बैठक में आठ राज्यों के अधिकारियों ने लिया भाग
हिसार, 30 मार्च (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
में विस्तार शिक्षा संस्थान, नीलोखेड़ी की 33वीं प्रबंधन समिति की बैठक हुई। कुलपति
प्रो. बीआर कम्बोज की अध्यक्षता में हुई बैठक में जन प्रतिनिधि के रूप में यमुनानगर
के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा भी बैठक में उपस्थित रहे। बैठक में एचएयू सहित कृषि एवं
किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रतिनिधि, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश,
हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, बिहार व झारखंड के राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार संस्थान
के निदेशक, विभिन्न राज्यों के कृषि एवं संबंधित विभागों के निदेशक भी ऑनलाइन जुड़े।
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने साेमवार काे अपने संबोधन में
कहा कि विस्तार शिक्षा संस्थान मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण प्रदान कर आधुनिक कृषि
तकनीकों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कृषि एवं किसान
कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारियों से संस्थान को पर्याप्त वित्तीय सहयोग देने
का आह्वान किया और विभिन्न राज्यों के कृषि एवं संबंधित विभागों से अधिकारियों को प्रशिक्षण
के लिए भेजने की अपील की। उन्होंने बताया कि उपरोक्त संस्थान कृषि एवं ग्रामीण विकास
से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक ज्ञान एवं तकनीकों से जोडऩे का महत्वपूर्ण
कार्य कर रहा है। संस्थान कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन, वानिकी, महिला एवं बाल
विकास आदि क्षेत्रों के अधिकारियों को प्रशिक्षण देने, नई कृषि तकनीकों, उपकरणों और
विधियों का प्रचार-प्रसार करने, डिजिटल कृषि, स्मार्ट फार्मिंग, जैविक खेती जैसी नवीन
प्रणालियों की जानकारी देने, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित करने
में अहम् भूमिका निभा रहा है। कुलपति ने बताया कि संस्थान विस्तार अधिकारियों को नवीनतम
कृषि अनुसंधान की जानकारी देने, फसल उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और आय बढ़ाने के
उपायों के बारे जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। विस्तार अधिकारियों से
फीडबैक लेकर प्रशिक्षण नीतियों में सुधार करने, नई तकनीकों कों विस्तार अधिकारियों
तक पंहुचानें का कार्य करता है ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इसके अतिरिक्त
संस्थान उद्यान, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास आदि के अधिकारियों को भी प्रशिक्षण देने
का कार्य करता है।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि प्रशिक्षण
कार्यक्रमों की रूपरेखा किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए।
उन्होंने क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की गुणवत्ता बढ़ाने एवं आधुनिक तकनीकों के व्यापक
प्रसार पर बल दिया। संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. संजय कुमार ने बैठक का एजेंडा
प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रबंधन समिति द्वारा संस्थान के सुचारु संचालन के लिए
महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत
की।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

