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कुरुक्षेत्र के इतिहास और संस्कृति से आमजन का जुड़ाव जरूरी : नायब सैनी

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कुरुक्षेत्र के इतिहास और संस्कृति से आमजन का जुड़ाव जरूरी : नायब सैनी


विजन कुरुक्षेत्र अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा ने मुख्यमंत्री को दिया तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का निमंत्रण

चंडीगढ़, 01 अप्रैल (हि.स.)। कुरुक्षेत्र के इतिहास और संस्कृति विषय पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय वैश्विक मंथन होगा। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कुरुक्षेत्र के इतिहास, संस्कृति, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर इतिहासकार, शिक्षाविद्, शोधार्थी और प्रबुद्धजन चर्चा करेंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में 8 से 10 अप्रैल तक कुरुक्षेत्र के इतिहास और संस्कृति पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘कुरुक्षेत्र: थ्रू द एजेस’ का उद्देश्य कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक यात्रा को पुरातन काल से लेकर वर्तमान समय तक समझना है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए विजन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा ने सीएम आवास संत कबीर कुटीर चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को निमंत्रण सौंपा और उन्हें सम्मेलन की महत्ता के बारे मेंअवगत कराया।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि गीता संदेश स्थली कुरुक्षेत्र का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व विश्वभर में अद्वितीय है। यहां की विरासत को आमजन से जोड़ना न केवल सांस्कृतिक संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का भी सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र की पहचान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय इतिहास, दर्शन और ज्ञान परंपरा का केंद्र बिंदु है। विजन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि विश्व भर से शिक्षाविद् और शोधार्थी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जोकि कुरुक्षेत्र के इतिहास, संस्कृति, धार्मिक महत्व और पुरातात्विक पहलुओं पर मंथन करेंगे। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र के प्रचार-प्रसार के नए आयाम खुलेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान को और मजबूती मिलेगी। मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज श्रीमद्भगवत गीता के परिप्रेक्ष्य में कुरुक्षेत्र की महत्ता, धार्मिक और संस्कृति पहलुओं के साथ वर्तमान में गीता के संदेश को लेकर अपना उद्बोधन देंगे। 8 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल शिरकत करेंगे और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा भी मौजूद रहेंगे। वहीं 9 और 10 अप्रैल को अलग-अलग सत्रों में इतिहासकार और पुरातत्वविद कुरुक्षेत्र के प्राचीनकाल इतिहास से लेकर वर्तमान कुरुक्षेत्र के विषयों पर चर्चा करेंगे। 10 अप्रैल को समापन समारोह में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्यातिथि होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा