कोटक महिंद्रा का प्रबंधक पांच दिन के रिमांड पर
चंडीगढ़, 09 अप्रैल (हि.स.)। पंचकूला में हुए करीब 160 करोड़ के कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले में कार्रवाई करते हुए एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने गुरुवार को बैंक के डिप्टी वाइस प्रेजिडेंट पुष्पेंद्र कुमार को अदालत में पेश करके पांच दिन के रिमांड पर लिया है।
पंचकूला शहर के सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन प्रबंधक पुष्पेंद्र ने बुधवार की रात एसीबी ऑफिस में सरेंडर किया था। सरेंडर करने के दौरान उनके साथ वकीलों की टीम मौजूद रही। उधर, सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक का भी कोर्ट ने 2 दिन का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया है।
गुरुवार को एसीबी के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि आरोपी ने वारदात में प्रयुक्त लैपटॉप, प्रिंटर, मोहर और मोबाइल फोन को हिमाचल प्रदेश में छिपा रखा है। जिन्हें वहां से बरामद किया जाएगा। वहीं आरोपी ने बैंक फ्रॉड के पैसे से खरीदी गई लग्जरी गाड़ी रूबीकैन और बीएमडब्ल्यू को दिल्ली में अपने ठिकाने पर छोड़ रखा है। इसके अलावा आरोपी के पास एक हॉर्ले बाइक भी है। जिसे दिल्ली से बरामद किया जाएगा। कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन मैनेजर पुष्पेंद्र के खिलाफ आरोप है कि उसने नगर निगम पंचकूला में तैनात सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक के साथ मिलकर मई 2020 में नगर निगम पंचकूला का एक फर्जी बैंक खाता खोला। जिसके बाद आरोपी विकास कौशिक और पुष्पेंद्र ने मिलकर जून 2022 में फिर से नगर निगम पंचकूला के नाम एक और जाली खाता कोटक महिंद्रा बैंक पंचकूला में खुलवाया। इसके भी अकाउंट ओपनिंग फॉर्म पर बतौर सीनियर अकाउंट ऑफिसर आरोपी विकास कौशिक ने अपने हस्ताक्षर किए और दूसरे हस्ताक्षर में डीएमसी नगर निगम की जाली मोहर लगा दी थी। इस मोहर पर तत्कालीन डीएमसी दीपक सूरी के हस्ताक्षर भी आरोपी विकास कौशिक और पुष्पेंद्र मैनेजर ने जाली किए।
इन सब तर्कों के आधार पर एसीबी ने पुष्पेंद्र का सात दिन का रिमांड मांगा। जिस पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने आरोपी का 5 दिन का रिमांड मंजूर किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

