युवाओं के ज्ञान और शोध से मजबूत बनेगा हरियाणा : नायब सिंह सैनी
हरियाणा को अनुसंधान, नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने उच्चतर शिक्षण संस्थानों के शोधकर्ताओं के साथ किया संवाद
90 शोध परियोजनाओं के लिए 11.25 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता
चंडीगढ़, 11 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसी भी देश और प्रदेश की ताकत उसकी बड़ी-बड़ी इमारतों और भवनों से नहीं, बल्कि उसके युवाओं के ज्ञान, शोध और नवाचार से होती है। उन्होंने शोधकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रदेश के विकास और समाजहित से जुड़े विषयों पर गहन शोध करें तथा नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दें।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला में स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान में उच्चतर शिक्षण संस्थानों के शोधकर्ताओं के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में ‘हरियाणा विजन-2047’ को धरातल पर उतारने के लिए 20 करोड़ रुपये की लागत से ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान निधि’ के लिए 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। इसके तहत 90 अनुसंधान परियोजनाओं के लिए महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं निजी विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी-अपनी परियोजनाओं पर चर्चा की। हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद द्वारा इन शोधकर्ताओं को 11.25 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शोध का विषय केवल शोध पत्र प्रकाशित करने और किताबें लिखने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य समाज और लोगों के जीवन को सरल बनाना होना चाहिए। ज्ञान और शोध में इतनी शक्ति है कि इनके माध्यम से समाज की ज्वलंत समस्याओं का समाधान कर लोगों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। आज जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और कृषि उत्पादन जैसी गंभीर समस्याएं हमारे सामने चुनौती बनी हुई हैं। शोधकर्ता इन विषयों पर अनुसंधान कर इनके समाधान में महत्वपूर्ण सहयोग कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पानी एक प्राकृतिक संसाधन है और इसका निर्माण नहीं किया जा सकता। पानी बचेगा, तभी कल जीवन बचेगा। इसलिए इस विषय पर हमें अधिक से अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। बढ़ते औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण पानी की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उद्योगों को भी पानी की जरूरत है, जबकि भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। शोध के माध्यम से यह पता लगाया जाना चाहिए कि भूजल स्तर को कैसे सुधारा जाए और पानी की गुणवत्ता को किस प्रकार बेहतर बनाया जा सकता है।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान निधि’ के तहत 90 शोध परियोजनाओं के लिए 11.25 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
महीपाल ढांडा ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री द्वारा उच्च शिक्षा और युवाओं के लिए की गई घोषणाओं को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद ने प्रभावी ढंग से लागू करने का ढांचा तैयार कर लिया है। हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. के.सी. शर्मा ने बताया कि हरियाणा राज्य अनुसंधान परियोजना के तहत कुल 350 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 163 आवेदनों को स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा अनुमोदित किया गया। इनमें से 90 परियोजनाओं के आवेदनों को अंतिम रूप से स्वीकृति प्रदान की गई, जिनमें 75 संकाय सदस्यों तथा 15 विद्यार्थियों की परियोजनाएं शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

