बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से कैथल में जनजीवन प्रभावित, आधे शहर में बिजली गुल
कैथल, 23 अक्टूबर (हि.स.)। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहर से लेकर गांवों तक दिखाई देने लगा है। जिले के दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, वहीं कैथल शहर की कई कॉलोनियों में भी लोगों को घंटों बिजली के बिना रहना पड़ा। बिजली निगम की शिकायत ब्रांच में दूसरे दिन भी 1000 से ज्यादा शिकायतें पहुंचीं, लेकिन हड़ताल के चलते इनका समाधान करने में परेशानी आई। दूसरी ओर, जिला प्रशासन बिजली और पेयजल आपूर्ति बहाल रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने में जुटा रहा। शहर में करनाल रोड, अंबाला रोड और जींद रोड के आसपास की कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। लोगों को घरेलू कामकाज से लेकर पानी की व्यवस्था तक में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह लोगों ने जनरेटर का सहारा लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली संकट को लेकर नाराजगी सामने आई। गांव काकौत के लोगों ने रात के समय बिजली आपूर्ति न मिलने पर करनाल रोड पर जाम लगाकर रोष जताया। बिजली आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। डीसी अपराजिता ने बताया कि जिले में कुल 108 पावर स्टेशनों में से 78 चालू हैं। जहां से भी बिजली बाधित होने की सूचना मिल रही है, वहां वैकल्पिक स्टाफ भेजकर आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जनरेटर से चलाए जा रहे चार बूस्टरबिजली संकट के बीच पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने जनरेटर सेट की व्यवस्था की है। डीसी अपराजिता के अनुसार, कैथल शहर के चार बूस्टर स्टेशन जनरेटर से संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 125 केवीए क्षमता के चार अन्य जनरेटर सेट की भी व्यवस्था की गई है। शेष बूस्टरों को चालू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बीडीपीओ और सरपंचों को जरूरत के अनुसार ट्यूबवेल चलाने के लिए जनरेटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। डीडीपीओ रितु लाठर ने बताया कि कुतुबपुर, फरियाबाद, किठाना, फतेहपुर, पट्टी खोत और मंडवाल सहित विभिन्न गांवों में जनरेटर लगाकर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। अधिकारियों को इसकी लगातार निगरानी करने को कहा गया है।1519 कर्मचारियों में अधिकांश हड़ताल परबिजली निगम के जिले में कुल 1519 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक एसई और चार एसडीओ को छोड़कर शेष अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। कैथल, पूंडरी और गुहला के तीनों एक्सईएन भी हड़ताल पर हैं। जिले में कुल 14 एसडीओ हैं, जिनमें चार नए एसडीओ ड्यूटी पर हैं। इनमें एक को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि तीन एसडीओ को कैथल, पूंडरी और गुहला क्षेत्रों में फील्ड की जिम्मेदारी दी गई है। एसई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति में खराबी आने पर ब्रेकडाउन दूर करने के लिए एसडीओ की ड्यूटी लगाई गई है। मरम्मत कार्य के लिए अतिरिक्त बैकअप की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

