धान उठान में कैथल प्रदेश में तीसरे स्थान पर, अब तक 2.04 लाख मीट्रिक टन उठान का दावा
कैथल, 16 अक्टूबर (हि.स.)। धान खरीद और उठान की धीमी रफ्तार के बीच कैथल जिले में अब उठान कार्य ने गति पकड़नी शुरू कर दी है। जिले की मंडियों में अब तक खरीदे गए धान में से करीब 64 प्रतिशत का उठान हो चुका है। इस उपलब्धि के साथ कैथल प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। अब तक जिले में तीन लाख 18 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि इसमें से दाे लाख चार हजार मीट्रिक टन धान मंडियों से उठाया जा चुका है। उठान के मामले में कुरुक्षेत्र और पंचकूला जिले से आगे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से मंडियों में खरीद और उठान की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। डीसी अपराजिता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में फसल बेचने आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि मंडियों में जगह की कमी न हो और किसानों को अपनी फसल लेकर लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। मौसम को देखते हुए भी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है।
बारिश के बाद उठान में आई तेजीपिछले दिनों हुई बारिश के कारण मंडियों में धान के उठान की गति प्रभावित हुई थी। अब मौसम में सुधार के साथ उठान कार्य को तेज किया जा रहा है। डीएफसी वरिंदर सिंह ने विभिन्न अनाज मंडियों का दौरा कर खरीद और उठान व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित खरीद एजेंसियों को उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मंडियों में जलभराव की स्थिति पर भी नजर रखी गई। डीएफसी के अनुसार, निरीक्षण के दिन किसी भी अनाज मंडी में पानी जमा नहीं मिला। प्रशासन का प्रयास है कि मंडियों में सफाई और निकासी व्यवस्था दुरुस्त रहे तथा खरीदे गए धान को जल्द से जल्द गोदामों और निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जा सके। धान खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए मंडियों में नोडल अधिकारियों के साथ खरीद एजेंसियों और मार्केट कमेटियों के अधिकारी तैनात हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित मानकों के अनुसार किसानों की फसल
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

